झारखंड के हजारीबाग के ईचाक में बरवां नदी पुल से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। हादसे में आठ यात्री घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। पुल पर रेलिंग न होने को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के ईचाक थाना क्षेत्र में सोमवार को एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें यात्रियों से भरी एक ई-रिक्शा (इलेक्ट्रिक टोटो) बरवां नदी पुल से अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई। इस हादसे में वाहन में सवार सभी आठ यात्री घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना दोपहर के समय उस वक्त हुई जब ई-रिक्शा अलौंजा गांव से ईचाक बाजार की ओर जा रही थी।
तेज रफ्तार वाहन से बचने में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बरवां नदी पुल के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी से आमने-सामने की टक्कर की स्थिति बन गई। टक्कर से बचने के प्रयास में ई-रिक्शा चालक ने अचानक वाहन से नियंत्रण खो दिया।
पुल पर सुरक्षा रेलिंग या गाइड वॉल नहीं होने के कारण ई-रिक्शा सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने बचाई जान, सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला

हादसे के तुरंत बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देरी किए नदी में उतरकर सभी आठ यात्रियों को बाहर निकाला।
ग्रामीणों की तत्परता के कारण सभी घायलों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सभी घायल अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभीर
सूचना मिलने पर ईचाक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य में शामिल हुई। सभी घायलों को तुरंत शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग भेजा गया।
डॉक्टरों के अनुसार, दो यात्रियों को सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। अन्य यात्रियों का इलाज प्राथमिक स्तर पर जारी है।
पुल पर सुरक्षा रेलिंग न होने से उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरवां नदी पुल पर लंबे समय से सुरक्षा रेलिंग या गाइड वॉल नहीं है, जिसके कारण यहां दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था की मांग
हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुल पर तत्काल सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इसके साथ ही लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित निगरानी की भी मांग की है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज पर नजर रखी जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा ढांचे की कमजोर स्थिति को उजागर करता है, जहां मामूली लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।











