मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शीतकालीन सत्र की तारीख को अंतिम रूप दिया गया। शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सत्र के दिन 18, 19 और 22 दिसंबर निर्धारित किए गए हैं।
चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में सत्र की तारीखों पर मुहर लगाई गई। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह सत्र 18, 19 और 22 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। हालांकि, सत्र की वास्तविक अवधि का अंतिम निर्णय बीएसी (ब्रिजिंग एडवाइजरी कमिटी) द्वारा लिया जाएगा।
कैबिनेट की बैठक और निर्णय
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में शीतकालीन सत्र की रूपरेखा और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक में कहा कि यह सत्र राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लेने का अवसर प्रदान करेगा। कैबिनेट ने सत्र की प्रारंभिक तिथियों पर सहमति जताई और बीएसी को सत्र की वास्तविक अवधि तय करने का निर्देश दिया।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा में विभिन्न विधायी प्रस्तावों, बजट से संबंधित मुद्दों और राज्य प्रशासनिक नीतियों पर चर्चा की जाएगी। हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा के लिए जाना जाता है। इस सत्र में आमतौर पर निम्नलिखित मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं:
- राज्य के बजट और वित्तीय नीतियां – आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्तावों पर विचार और अनुमोदन।
- कानून और विधायी सुधार – राज्य के प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था से संबंधित नए विधेयकों पर चर्चा।
- कृषि और ग्रामीण विकास – हरियाणा में किसानों और ग्रामीण इलाकों के विकास से जुड़े प्रस्ताव।
- शिक्षा और स्वास्थ्य – शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदम।
- सामाजिक कल्याण योजनाएं – राज्य में चल रही सामाजिक योजनाओं और लाभार्थियों की संख्या में सुधार।
कैबिनेट ने विशेष रूप से कहा कि सत्र के दौरान राज्य की जनता के हित में सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
शीतकालीन सत्र की वास्तविक अवधि का अंतिम फैसला बीएसी (ब्रिजिंग एडवाइजरी कमिटी) करेगी। बीएसी में विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिपरिषद के सदस्य और विधानसभा सचिव शामिल होते हैं। यह समिति तय करती है कि सत्र कितने दिनों तक चलेगा, किन मुद्दों पर प्राथमिकता दी जाएगी और हर दिन का एजेंडा क्या होगा। इस बार सत्र 18, 19 और 22 दिसंबर को प्रस्तावित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय बीएसी की मीटिंग के बाद ही सार्वजनिक होगा।










