आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका महिला टीम बड़ी उलटफेर का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। स्कॉटलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में निलाक्षिखा सिल्वा ने 21 गेंदों में 21 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 (ICC Women's T20 World Cup 2026) में श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम ने स्कॉटलैंड के खिलाफ बेहद रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवित रखा। अंतिम ओवर तक चले इस मुकाबले में निलाकशिखा सिल्वा ने दबाव में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला और हार के मुहाने पर खड़ी श्रीलंका को यादगार जीत दिलाई।
स्कॉटलैंड द्वारा दिए गए 152 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम एक समय संघर्ष करती नजर आ रही थी। लगातार विकेट गिरने से मैच पूरी तरह स्कॉटलैंड की पकड़ में दिखाई दे रहा था, लेकिन निलाकशिखा सिल्वा की संयमित पारी और अंतिम ओवर में सुगंदिका कुमारी के साथ उनकी साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।
निलाकशिखा सिल्वा बनीं जीत की सबसे बड़ी हीरो
श्रीलंका को अंतिम ओवर में जीत के लिए सात रन चाहिए थे। उस समय मैच किसी भी दिशा में जा सकता था। ऐसे दबावपूर्ण क्षणों में निलाकशिखा सिल्वा ने धैर्य बनाए रखा और 21 गेंदों पर महत्वपूर्ण 21 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंतिम ओवर की शुरुआती तीन गेंदों पर चार रन बने, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया।
इसी दौरान गेंदबाजी कर रहीं रचेल स्लेटर चोटिल हो गईं और ओवर पूरा करने की जिम्मेदारी प्रियांज चटर्जी को मिली। श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया और लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ श्रीलंका ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत की और सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रखा।
चमारी अट्टापट्टू ने दिलाई तेज शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत आक्रामक रही। कप्तान चमारी अट्टापट्टू ने शुरुआत से ही सकारात्मक बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने पहले ही ओवर में दो चौके लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। अट्टापट्टू ने केवल 16 गेंदों में 33 रन बनाए, लेकिन छठे ओवर में कैथरीन फ्रेजर ने उन्हें आउट कर स्कॉटलैंड को बड़ी सफलता दिलाई। इससे पहले तीसरे ओवर में रचेल स्लेटर ने इमेशा दुलानी को केवल चार रन पर आउट कर श्रीलंका को पहला झटका दिया था।
मध्यक्रम लड़खड़ाया, फिर भी नहीं टूटी उम्मीद
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कप्तान के आउट होने के बाद श्रीलंका की बल्लेबाजी दबाव में आ गई। हसिनी परेरा ने 23 रन और हर्षिता समरविक्रमा ने 27 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों बड़ी साझेदारी नहीं बना सकीं। स्कॉटलैंड की गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया।
18 ओवर के बाद श्रीलंका का स्कोर 135/7 था और जीत मुश्किल दिखाई दे रही थी। हालांकि, निलाकशिखा सिल्वा ने आखिरी क्षणों में जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला और महत्वपूर्ण जीत सुनिश्चित की।
स्कॉटलैंड की बल्लेबाजी भी रही शानदार
इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 151 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज डार्सी कार्टर ने 34 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दी, जबकि कैथरीन फ्रेजर 12 रन बनाकर आउट हो गईं। मध्यक्रम में कैथरीन ब्रायस ने 23 रन जोड़े, लेकिन सबसे प्रभावशाली पारी सारा ब्रायस ने खेली। उन्होंने नाबाद 47 रन बनाकर स्कॉटलैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
हालांकि श्रीलंका के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में कुछ अहम विकेट लेकर वापसी की, लेकिन सारा ब्रायस की संयमित बल्लेबाजी के कारण स्कॉटलैंड 150 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।
सेमीफाइनल की दौड़ हुई और रोमांचक
यह जीत श्रीलंका के लिए केवल दो अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टूर्नामेंट के सेमीफाइनल समीकरणों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। करीबी मुकाबले में दबाव झेलकर जीत दर्ज करना टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। वहीं, स्कॉटलैंड की टीम भले ही मुकाबला हार गई हो, लेकिन उसके खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह दिखाया कि वे बड़ी टीमों को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।









