वार्ड-65 स्थित कृष्ण मोहन पांडेय नगर में बुनियादी सुविधाओं की कमी से स्थानीय लोग परेशान हैं। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यहां नालों का गंदा पानी खुलेआम सड़कों पर बहता रहता है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है। लोगों का आरोप है कि विकास के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बदहाल सड़कों और खराब जलनिकासी व्यवस्था के रूप में सामने आती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। बारिश के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़कें जलभराव से भर जाती हैं, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या की शिकायत नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि कई जगह सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में रोजाना परेशानी होती है।
गंदे पानी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोगों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का डर सता रहा है। स्थानीय नागरिकों ने नियमित सफाई, नालों की समय पर सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
इलाके के व्यापारियों का कहना है कि सड़कों पर गंदा पानी बहने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। बदबू और गंदगी के कारण बाजार का माहौल भी खराब हो गया है, जिससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि कृष्ण मोहन पांडेय नगर में प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई कराई जाए, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की जाए और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए। उनका कहना है कि जब तक इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक क्षेत्र के लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे केवल विकास के वादे नहीं, बल्कि जमीन पर काम होते देखना चाहते हैं। उनका मानना है कि नगर निगम को इस क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
फिलहाल वार्ड-65 के कृष्ण मोहन पांडेय नगर में जलनिकासी और सफाई की समस्या लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ठोस कदम उठाएगा और क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं में सुधार करेगा।








