इजरायल ने किया दावा! अली लारीजानी मारे गए, ईरान जल्द जनता को करेगा वीडियो संदेश के जरिए सूचित

इजरायल ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की हत्या का दावा किया। ईरान जल्द वीडियो संदेश जारी करेगा। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की संभावना।

इजरायल ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की हत्या का दावा किया। लारीजानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे। ईरान ने कहा है कि उनका वीडियो संदेश जल्द जारी होगा। इससे मिडिल ईस्ट में राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।

World News: इजरायल ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और संकट के दौरान तेहरान के चेहरा रहे अली लारीजानी के मारे जाने का दावा किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि ईरानी नेतृत्व अब और कमजोर हो गया है। उन्होंने बताया कि अली खामेनेई पहले ही मारे जा चुके हैं और उनके उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, लारिजानी के ऑफिस ने इस दावे के तुरंत बाद कहा कि कुछ देर में उनका वीडियो संदेश जारी किया जाएगा।

ईरान की सुरक्षा रणनीति में लारीजानी की भूमिका

अली लारीजानी ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव थे और देश की सुरक्षा रणनीति का नेतृत्व करते थे। उनके नेतृत्व में ईरान संकट के समय निर्णय लेता रहा। मुज्तबा खामेनेई की हालत की जानकारी न मिलने के कारण, लारीजानी देश के दूसरे नंबर के नेता बन गए थे। उन्होंने अंतरिम परिषद के साथ मिलकर देश की सुरक्षा और राजनीतिक संचालन में अहम भूमिका निभाई।

इजरायली हमलों में अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए

इजरायल ने किया दावा! अली लारीजानी मारे गए, ईरान जल्द जनता को करेगा वीडियो संदेश के जरिए सूचित

इजरायल के अनुसार, लारीजानी के अलावा गुलामरेज़ा सुलेमानी नामक एक अन्य वरिष्ठ कमांडर भी सोमवार रात के हवाई हमलों में मारे गए। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन दावों की सच्चाई अभी तक साबित नहीं हुई है और ईरानी कार्यालय के वीडियो संदेश से ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

एपस्टीन नेटवर्क की चेतावनी

अली लारीजानी ने हाल ही में यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क के सदस्यों द्वारा ईरान को फंसाने के लिए 9/11 जैसी साजिश की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी उनके द्वारा अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों के प्रति सतर्क रहने का संकेत थी। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह कदम लारीजानी की रणनीतिक सूझबूझ और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है।

अमेरिका ने दी थी इनाम की घोषणा

अली लारीजानी 13 मार्च को तेहरान में एक रैली में नजर आए थे, जिसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन भी मौजूद थे। उसी दिन अमेरिका ने उनके और अन्य वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर (करीब 92 करोड़ रुपये) का इनाम देने की घोषणा की। यह कदम अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरानी नेतृत्व को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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