लॉर्ड्स में खेले जा रहे भारत और इंग्लैंड के बीच एकमात्र महिला टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय बल्लेबाजों के तीन अर्धशतकों के बावजूद टीम इंडिया 285 रन पर सिमट गई। जवाब में इंग्लैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक 11 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए हैं।
लॉर्ड्स, लंदन: भारत और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। स्मृति मंधाना, कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के शानदार अर्धशतकों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड ने दिन का खेल समाप्त होने तक 11 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बनाए। मेजबान टीम अभी भी भारत के पहली पारी के स्कोर से 264 रन पीछे है।
पहले दिन का खेल भारतीय टीम के नाम रहा, जिसने शुरुआती झटकों से उबरते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजी में भी इंग्लैंड पर शुरुआती दबाव बनाने में सफलता हासिल की।
शुरुआती झटकों के बाद भारत की दमदार वापसी
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और यास्तिका भाटिया जल्दी आउट हो गईं, जिससे भारत का स्कोर केवल 37 रन पर दो विकेट हो गया। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड मैच पर पकड़ बना सकता है, लेकिन स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए पारी को संभाल लिया।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। जेमिमा ने तेज गति से रन बनाए और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने 35 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन ईसी वोंग की गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गईं।
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर ने संभाली जिम्मेदारी
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जेमिमा के आउट होने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने स्मृति मंधाना का अच्छा साथ दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 89 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता दी और टीम को बड़े स्कोर की ओर अग्रसर किया। स्मृति मंधाना शानदार लय में नजर आईं और पूरे मैदान में आकर्षक स्ट्रोक लगाए। उन्होंने 108 गेंदों में 83 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल था। हालांकि वह अपने शतक से चूक गईं, लेकिन उनकी पारी ने भारत की मजबूत नींव तैयार कर दी।
दूसरी ओर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने धैर्य और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों में 58 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। दोनों की साझेदारी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से दूर रखा।
दीप्ति शर्मा ने निचले क्रम में निभाई अहम भूमिका
मध्यक्रम के बाद जब भारत ने कुछ तेजी से विकेट गंवाए, तब ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने निचले क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्नेह राणा के साथ उपयोगी साझेदारी करते हुए टीम का स्कोर 250 रन के पार पहुंचाया। दीप्ति ने 87 गेंदों पर 57 रन की संयमित और जिम्मेदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके लगाए और यह सुनिश्चित किया कि भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचे।
हालांकि भारतीय टीम एक समय तीन विकेट पर 190 रन के मजबूत स्कोर पर थी, लेकिन अंतिम सात विकेट केवल 85 रन के भीतर गिर गए। पूरी टीम 74.5 ओवर में 285 रन पर सिमट गई।
इंग्लैंड की धीमी शुरुआत, भारत को मिली शुरुआती सफलता
पहली पारी में 285 रन बनाने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार शुरुआत की। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को केवल दो रन पर आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 11 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 21 रन बनाए। माया बाउशियर 17 रन और कप्तान हीदर नाइट एक रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत अब दूसरे दिन शुरुआती विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखने की कोशिश करेगा।









