केंद्र सरकार ने IndiaAI Mission के तहत 20 स्वदेशी AI मॉडल चुने हैं, जिनमें Sarvam AI और BharatGen जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन मॉडलों को तकनीकी और कंप्यूटिंग सहायता देकर भारत में AI इनोवेशन, रिसर्च और रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
Tech: IndiaAI Mission के तहत केंद्र सरकार ने 20 स्वदेशी AI मॉडलों के चयन की घोषणा की है। इनमें 12 बड़े लैंग्वेज मॉडल और 8 छोटे लैंग्वेज मॉडल शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को मजबूत तकनीकी आधार उपलब्ध कराकर देश में AI इकोसिस्टम, रोजगार और नवाचार को नई गति देना है।
IndiaAI Mission के तहत 20 स्वदेशी AI मॉडल को मिला सरकारी समर्थन
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केंद्र सरकार ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 20 स्वदेशी AI मॉडलों का चयन किया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि इन मॉडलों को IndiaAI Mission के तहत तकनीकी, कंप्यूटिंग और अन्य जरूरी संसाधनों की सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे देश में AI रिसर्च, स्टार्टअप्स और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे।
Sarvam AI, BharatGen और अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट्स शामिल
सरकार द्वारा चुने गए 20 मॉडलों में 12 बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLMs) और 8 छोटे लैंग्वेज मॉडल (SLMs) शामिल हैं। इनमें Sarvam AI, BharatGen, Gnani.ai और Avataar AI जैसे प्रमुख भारतीय प्रोजेक्ट्स को जगह मिली है।
Sarvam AI हाल के महीनों में अपने भारतीय AI मॉडल को लेकर चर्चा में रहा है और इसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। वहीं Gnani.ai भारतीय भाषाओं के लिए स्पीच-टू-स्पीच AI तकनीक विकसित कर रहा है। BharatGen का फोकस कई भारतीय भाषाओं को समझने और उनमें काम करने वाले फाउंडेशन मॉडल तैयार करना है, जबकि Avataar AI वीडियो जनरेशन तकनीक पर काम कर रहा है।
इसके अलावा हेल्थकेयर, स्थानीय भाषाओं और एजेंटिक AI जैसे क्षेत्रों के लिए भी कई विशेष मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भारत की जरूरतों के अनुसार AI समाधान तैयार किए जा सकें।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट पर सरकार का फोकस
सरकार के अनुसार, IndiaAI Mission सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें AI मॉडल डेवलपमेंट, एप्लिकेशन निर्माण, डेटासेट तैयार करना, स्किल डेवलपमेंट, सस्ती कंप्यूटिंग सुविधा और रिसर्च को बढ़ावा देना शामिल है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार ने 15 कंप्यूट सर्विस प्रोवाइडर्स को मिशन से जोड़ा है। अब तक 237 AI प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है और 93 लाख GPU घंटों की प्रोसेसिंग क्षमता उपलब्ध कराई गई है। यह संसाधन देशभर के स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपलब्ध रहेंगे ताकि वे बड़े स्तर पर AI मॉडल विकसित कर सकें।
सरकार ने यह भी बताया कि अब तक 12 राष्ट्रीय AI हैकाथॉन आयोजित किए जा चुके हैं। इनसे 62 AI प्रोटोटाइप तैयार हुए हैं और 20 AI आधारित समाधान बाजार में लागू किए जा चुके हैं।
AI टैलेंट तैयार करने के लिए 178 उच्च शिक्षण संस्थानों के 686 छात्रों को फेलोशिप दी गई है। वहीं YUVA AI for ALL कार्यक्रम के तहत 26 लाख से अधिक लोगों ने AI प्रशिक्षण पूरा किया है। देश में 27 India Data and AI Labs शुरू हो चुकी हैं, जबकि 188 नई लैब्स स्थापित करने का काम जारी है। इसके अलावा राज्यों और उद्योगों के सहयोग से 58 AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है।
सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाना, स्थानीय नवाचार को बढ़ावा देना और आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के लिए नई तकनीकी नौकरियों और स्टार्टअप अवसरों का निर्माण करना है।









