इंदौर में शुक्रवार को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे राष्ट्रभक्तों की रैली बताया। आयोजकों ने एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के भी कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू हो गई। सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली जा रही इस यात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, वकीलों, डॉक्टरों और भाजपा कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली बताते हुए कहा कि इसके जरिए अराजकता फैलाने वालों को बेनकाब किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के भी शामिल होने का कार्यक्रम है।
सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक पदयात्रा, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा
भाजपा की यह पदयात्रा इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो में आयोजित की जा रही है। यात्रा के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सुभाष नगर और आसपास के इलाकों में पहुंचने लगे थे। विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधि हाथों में तख्तियां लेकर यात्रा में शामिल हुए। इनमें सिख, सिंधी और पाल समाज के लोगों के साथ व्यापारी, वकील, खेल संगठनों के प्रतिनिधि और स्कूली बच्चे भी शामिल रहे।
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आयोजकों ने पदयात्रा में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। हालांकि, अभी इतनी संख्या में लोगों की मौजूदगी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यात्रा में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है।
पदयात्रा में कुछ लोग आयरन मैन और जोकर की वेशभूषा में भी पहुंचे। वहीं किन्नर समाज के सदस्यों और सियागंज के किराना व्यापारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। अलग-अलग संगठनों की भागीदारी के बीच कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर आगे बढ़ते दिखाई दिए।
कैलाश विजयवर्गीय बोले- यह देशभक्तों की रैली है
प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा के दौरान कहा कि यह देशभक्तों की रैली है और अराजकता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए लोग एकजुट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और इस अभियान के जरिए उन्हें जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।
विजयवर्गीय ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा को लेकर नारे भी लगवाए। उन्होंने कार्यक्रम में आने वाले लोगों को रोके जाने का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी को मंच के पास बुलाकर उन्होंने कहा कि जो लोग पदयात्रा में शामिल होने पहुंच रहे हैं, उन्हें आने दिया जाए। उनका कहना था कि कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है।
दूसरी ओर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के युवा लोकतंत्र की रक्षा का संदेश देने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में फ्रांस के कुछ प्रतिनिधियों की मौजूदगी का भी जिक्र किया। भार्गव के अनुसार, इन प्रतिनिधियों ने अपने देश में घुसपैठ से जुड़ी समस्याओं के बारे में बात की और भारत को इससे सीख लेने की जरूरत बताई। यह महापौर की ओर से दी गई जानकारी है।
सीएम मोहन यादव के स्वागत के लिए मंच तैयार, रास्तों पर बैरिकेडिंग
पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने को लेकर परदेशीपुरा चौराहे पर मंच तैयार किया गया। उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री को यहां पहुंचकर यात्रा में शामिल होना था। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया समेत भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी भी प्रस्तावित थी।
मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, उन्हें सुबह इंदौर पहुंचकर पदयात्रा और स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। इसके बाद उनका जबलपुर और नरसिंहपुर जाने का कार्यक्रम भी निर्धारित था।
कार्यक्रम के कारण शहर में यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। सुबह आठ बजे से कुछ रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोकी गई। यात्रा में शामिल होने के लिए कई लोग बसों से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस को यातायात संभालने की जिम्मेदारी दी गई।
भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के जरिए लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील कर रहे थे। पार्टी ने इस अभियान को लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं के समर्थन से जुड़ा कार्यक्रम बताया है। इसके साथ ही भाजपा ने विपक्ष पर कुछ मुद्दों को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप भी लगाए हैं।
इंदौर की यह पदयात्रा भाजपा के प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। पार्टी ने जबलपुर में तीन नवंबर और भोपाल में चार नवंबर को भी इसी अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।








