देश की दिग्गज आईटी कंपनी Infosys ने जर्मनी की प्रमुख कंपनी Knorr-Bremse AG के साथ अहम रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। इस समझौते का उद्देश्य Knorr-Bremse के 'Tech4Value' (T4V) IT ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को तेज गति देना है।
Infosys Knorr-Bremse Deal: भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने जर्मनी की प्रमुख इंजीनियरिंग और ऑटोमोटिव कंपनी Knorr-Bremse AG के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस करार का लक्ष्य Knorr-Bremse के ‘Tech4Value’ (T4V) डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को तेज करना है। इंफोसिस अपने AI-first प्लेटफॉर्म Infosys Topaz की मदद से कंपनी के पुराने IT सिस्टम को आधुनिक बनाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर काम करेगी।
इंफोसिस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाओं का विस्तार लगातार रणनीतिक प्राथमिकता बनता जा रहा है। इसी दिशा में कंपनी ने जर्मनी की Knorr-Bremse AG के साथ नई साझेदारी की है। समझौते के तहत इंफोसिस, Knorr-Bremse के रेल और कमर्शियल व्हीकल डिवीजनों के पूरे एंटरप्राइज एप्लिकेशन इकोसिस्टम के लिए एंड-टू-एंड मैनेज्ड सर्विसेज उपलब्ध कराएगी।
Knorr-Bremse दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है, जो रेल और कमर्शियल वाहनों के लिए ब्रेकिंग सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा-महत्वपूर्ण तकनीकी उत्पाद और कंपोनेंट्स विकसित करती है। ऐसे उद्योग में IT सिस्टम की विश्वसनीयता, सुरक्षा और लगातार उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
AI के जरिए बदले जाएंगे पुराने IT सिस्टम
इस साझेदारी का सबसे अहम हिस्सा इंफोसिस का Infosys Topaz प्लेटफॉर्म है। कंपनी इसके जरिए जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगी। इसका उद्देश्य Knorr-Bremse के मौजूदा और पुराने IT सिस्टम को ज्यादा आधुनिक, लचीला और कुशल बनाना है। AI-आधारित ऑटोमेशन से एप्लिकेशन मैनेजमेंट, सपोर्ट और कुछ ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को अधिक तेज और स्मार्ट बनाने की कोशिश की जाएगी।
इंफोसिस का AI-first अप्रोच कंपनी को डेटा और एंटरप्राइज एप्लिकेशन के इस्तेमाल के तरीके को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। इससे IT लागत, प्रक्रिया की जटिलता और सिस्टम मैनेजमेंट से जुड़े कुछ जोखिमों को कम करने का लक्ष्य है।

Tech4Value प्रोग्राम क्या है?
Knorr-Bremse का Tech4Value यानी T4V प्रोग्राम कंपनी की व्यापक IT और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य तकनीकी ढांचे को ज्यादा सरल, एकीकृत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। इंफोसिस के साथ साझेदारी के जरिए Knorr-Bremse अपने एंटरप्राइज एप्लिकेशन वातावरण को अधिक व्यवस्थित करने और ग्लोबल ऑपरेशंस के लिए बेहतर IT सपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
इससे दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाली कंपनी की टीमों को अधिक एकसमान और बेहतर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
Knorr-Bremse ने क्या कहा?
कंपनी के चीफ डिजिटल ऑफिसर सतीस्वरन नवरत्नम ने कहा कि Knorr-Bremse ऐसी तकनीकी नींव तैयार करना चाहती है जो लंबे समय तक इनोवेशन और वैल्यू क्रिएशन को समर्थन दे सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि इंफोसिस के साथ सहयोग से कंपनी अपनी तकनीकी संरचना को और मजबूत तथा भरोसेमंद बना पाएगी। उनके बयान से संकेत मिलता है कि Knorr-Bremse के लिए यह सिर्फ IT सपोर्ट का करार नहीं, बल्कि व्यापक डिजिटल आधुनिकीकरण की योजना है।
इंफोसिस की AI रणनीति को भी मिलेगा बढ़ावा
इंफोसिस के EVP और Global Head, Manufacturing जसमीत सिंह के मुताबिक, सुरक्षा-महत्वपूर्ण उद्योगों में काम करने वाले निर्माताओं के लिए भरोसेमंद और हाई-परफॉर्मेंस एंटरप्राइज एप्लिकेशन जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इंफोसिस अपनी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विशेषज्ञता और AI-enabled सेवाओं के जरिए Knorr-Bremse के लिए अतिरिक्त बिजनेस वैल्यू तैयार करने की कोशिश करेगी। साझेदारी के तहत टेक्नोलॉजी को आधुनिक बनाने के साथ-साथ ऑपरेशनल रेजिलिएंस, अनुपालन और सर्विस गवर्नेंस को भी मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
Infosys के शेयर पर क्या असर पड़ा?
इंफोसिस ने इस साझेदारी की जानकारी 18 अगस्त को शेयर बाजार का कारोबार खत्म होने से कुछ मिनट पहले दी। हालांकि, उस दिन IT सेक्टर में व्यापक बिकवाली देखने को मिली और इंफोसिस के शेयर भी दबाव में रहे। 18 अगस्त 2026 को Infosys का शेयर करीब 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,115 के आसपास बंद हुआ। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से IT शेयरों में कमजोरी बनी हुई है।
ऐसे माहौल में नई AI आधारित डील कंपनी के लिए सकारात्मक कारोबारी खबर जरूर है, लेकिन इसका तत्काल असर शेयर कीमत पर व्यापक IT सेक्टर के रुझान के मुकाबले सीमित रह सकता है।











