इफ्तारी में इन Foods से बचें, सेहत और पाचन के लिए हैं नुकसानदेह

इफ्तारी में इन Foods से बचें, सेहत और पाचन के लिए हैं नुकसानदेह

रमजान 19 फरवरी से भारत में शुरू हो गया है और इफ्तार का समय शरीर और मन को संतुलित रखने का अवसर है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि तली-भुनी, अधिक नमक या शक्कर वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। हल्का, पोषक तत्वों वाला भोजन और पर्याप्त पानी शरीर को ऊर्जा और हाइड्रेशन बनाए रखते हैं।

Balanced Iftar Tips: रमजान का पवित्र महीना 19 फरवरी से भारत में शुरू हो गया है, जिसमें मुसलमान दिनभर के रोजे के बाद इफ्तार करते हैं। इस दौरान सही खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि तली-भुनी, अत्यधिक नमक या मीठा भोजन पेट में भारीपन, सुस्ती और डिहाइड्रेशन पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हल्का, पोषक तत्वों वाला भोजन और पर्याप्त पानी शरीर को ऊर्जा और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

तली-भुनी चीजों से बचें

इफ्तार में समोसा, फ्राइड आलू या अन्य डीप-फ्राइड स्नैक्स का सेवन पचने में भारी हो सकता है। इनमें फैट और सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे सुस्ती, पेट भारीपन और थकान बढ़ सकती है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिनभर की फास्टिंग के बाद हल्का और संतुलित भोजन ही शरीर को सही ऊर्जा देता है।

मीठा और कैफीन सीमित मात्रा में

ज्यादा शक्कर वाली मिठाइयां, चॉकलेट या डेजर्ट तुरंत ऊर्जा तो देती हैं, लेकिन लंबे समय तक फायदा नहीं पहुंचाती। इसी तरह चाय, कॉफी या कैफीन युक्त पेय डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं। हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन रोजे के बाद शरीर को स्थिर रखता है।

संतुलित इफ्तार जरूरी

रमजान के दौरान दिनचर्या बदलने के कारण पाचन प्रणाली अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसलिए ज्यादा नमक, तला-भुना या अत्यधिक मीठा खाने से बचना चाहिए। इसके बजाय फल, दही, हल्का सब्जी या सुप जैसे हल्के विकल्प शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं।

इफ्तार में सही खाने-पीने की आदत अपनाकर आप ना केवल अपनी सेहत बनाए रख सकते हैं, बल्कि रमजान की आध्यात्मिक यात्रा का आनंद भी पूरी तरह ले सकते हैं।

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