मानसून का कहर: जयपुर में बारिश से जाम और बस पलटी, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड; 15 राज्यों में अगले 4 दिन अलर्ट

देश के कई राज्यो मे भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित। जयपुर में बस पलटी, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हैं। अगले 4 दिन 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट है।

मानसून का कहर: जयपुर में बारिश से जाम और बस पलटी, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड; 15 राज्यों में अगले 4 दिन अलर्टदेशभर में मानसून सक्रिय है। जयपुर में भारी बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम हुआ, बस पलटने से 10 से ज्यादा लोग घायल हुए। उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हैं। अगले चार दिनों में 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार को उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों तक कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और कई इलाकों में घंटों ट्रैफिक जाम रहा। वहीं, पानी से भरे गड्ढे में बस पलटने से 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। उत्तराखंड में देहरादून-मसूरी मार्ग और टिहरी क्षेत्र में लैंडस्लाइड के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत करीब 15 राज्यों में तेज बारिश की संभावना जताई है।

कई मौसम प्रणालियां सक्रिय, बारिश का दौर जारी

मौसम में बदलाव के पीछे कई सिस्टम सक्रिय बताए जा रहे हैं। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके अलावा उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बुधवार को देश के करीब 20 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई। आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।

जयपुर में चार घंटे से ज्यादा बारिश, शहर में लंबा जाम

राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे के बाद तेज बारिश शुरू हुई। कई इलाकों में चार घंटे से ज्यादा समय तक बारिश होने के कारण सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव के चलते वाहनों की रफ्तार थम गई और शहर के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटनाओं ने भी परेशानी बढ़ाई। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश और पेड़ गिरने के कारण शहर के कई हिस्सों में करीब सात घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।

पानी से भरे गड्ढे में पलटी बस, 10 से ज्यादा घायल

जयपुर में बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा भी हुआ। बुधवार रात पानी से भरे गड्ढे के कारण एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 10 से ज्यादा यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

बारिश के कारण गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था। इसी वजह से बस चालक का नियंत्रण बिगड़ने की बात सामने आई है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से देहरादून-मसूरी मार्ग प्रभावित

उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गई हैं। देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानी वाला बैंड के पास पहाड़ से भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।

मलबा गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पानी वाला बैंड से कोठालगेट तक वाहनों की लंबी कतार देखी गई। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से सड़क से मलबा हटाने और यातायात सामान्य करने का काम किया गया।

बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ने के कारण यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर आवाजाही को लेकर स्थिति पर नजर बनाए रखी है।

टिहरी में NH-707A पर भी फंसे वाहन

टिहरी जिले में भी बारिश के कारण लैंडस्लाइड की समस्या सामने आई। पीपलडाली के पास NH-707A पर मलबा आने से कई वाहन रास्ते में फंस गए। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड के कई पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश के कारण सड़क नेटवर्क प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार राज्य के नौ जिलों में 67 सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है और प्रशासन को वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

हिमाचल प्रदेश में 204 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर पड़ा है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण 204 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। कई पहाड़ी इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और मलबा आने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है।

राजगढ़ में बारिश के दौरान एक तीन मंजिला मकान ढहने की घटना भी सामने आई। हादसे में घर के अंदर मौजूद मां और बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई।

गुजरात में हाईवे पर भरा पानी

गुजरात के पालनपुर में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज बारिश के बाद पालनपुर-अंबाजी नेशनल हाईवे पर करीब एक फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कई जगह लंबा जाम लग गया।

हाईवे पर पानी जमा होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। प्रशासन की ओर से जलनिकासी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए गए।

उत्तर प्रदेश में पुल तक पहुंचा बाढ़ का पानी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बरसाती नदी में अचानक बाढ़ आने से स्थिति गंभीर हो गई। शाहपुर गाड़ा नदी पर बना पुल पानी में डूब गया। इसके बावजूद कुछ लोग पुल को पार करते दिखाई दिए।

अचानक बढ़े जलस्तर के कारण ऐसे स्थानों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन के लिए लोगों को तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

मध्य प्रदेश में चार दिन से बारिश

मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणाली के बाद अब पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में करीब तीन दिनों तक तेज बारिश हो सकती है। शाजापुर जिले के पथरिया गांव में भी नाला अचानक उफान पर आ गया। तेज बहाव में एक युवक बह गया, हालांकि ग्रामीणों ने प्रयास कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

राजस्थान में सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट

राजस्थान में गुरुवार को सभी जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले बुधवार को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। जयपुर में करीब एक इंच बारिश दर्ज होने से कई निचले इलाकों में पानी भर गया।

धौलपुर में चंबल नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बिहार में 15 जिलों के लिए चेतावनी

बिहार में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। गुरुवार को राज्य के 15 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों में पटना समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है।

बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। 14 से 18 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

झारखंड और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

झारखंड में 16 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में कई जगह भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।

हरियाणा में भी मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार रात से मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ सकती है। इसके प्रभाव से 15 अगस्त तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।

असम में बाढ़ से स्थिति गंभीर

असम में बाढ़ से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। राज्य में बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है और राहत-बचाव अभियान जारी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित असम के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।

असम सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन मोबाइल ऐप के जरिए किया जा रहा है। अब तक हजारों प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा किया जा चुका है।

अगले चार दिन कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

मौसम प्रणालियों की सक्रियता को देखते हुए अगले चार दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत करीब 15 राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

बारिश के कारण शहरी इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जबकि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बना रहेगा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

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