Bank MCLR Hike: बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें, 10 बेसिस पॉइंट तक महंगे हुए चुनिंदा लोन

Bank MCLR Hike: Bank of Baroda और Canara Bank ने MCLR में 10 बेसिस पॉइंट तक बढ़ोतरी की है, जिससे चुनिंदा लोन महंगे हो सकते हैं। जानें नई ब्याज दरें और होम, ऑटो

अगर आपका लोन बैंक ऑफ बड़ौदा या केनरा बैंक से चल रहा है या आप इन बैंकों से नया कर्ज लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। दोनों सरकारी बैंकों ने कुछ अवधि के लिए MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में बढ़ोतरी की है।

बिजनेस न्यूज़: बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के ग्राहकों के लिए अहम खबर है। दोनों सरकारी बैंकों ने कुछ अवधि के लिए अपनी MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में बढ़ोतरी की है। नई दरें 12 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। अवधि के आधार पर MCLR में 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक का इजाफा किया गया है। इसका असर उन ग्राहकों के लोन पर पड़ सकता है, जिनकी ब्याज दर MCLR से जुड़ी हुई है।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया था। ऐसे में बैंक ग्राहकों के लिए ब्याज दरों और EMI से जुड़ी यह खबर महत्वपूर्ण हो जाती है।

केनरा बैंक ने MCLR में 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की

केनरा बैंक ने अलग-अलग अवधि वाली MCLR में 5 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी की है। एक बेसिस पॉइंट 0.01 प्रतिशत के बराबर होता है। बैंक की नई MCLR दरें अवधि के अनुसार 7.95 फीसदी से 9.10 फीसदी के बीच हैं। बैंक ने ओवरनाइट MCLR को 7.95 फीसदी पर बरकरार रखा है। वहीं, एक महीने की MCLR को 8 फीसदी से बढ़ाकर 8.05 फीसदी कर दिया गया है।

तीन महीने की MCLR अब 8.30 फीसदी हो गई है, जो पहले 8.25 फीसदी थी। छह महीने की दर 8.60 फीसदी से बढ़कर 8.65 फीसदी हो गई है। इसी तरह एक साल की MCLR भी 8.75 फीसदी से बढ़कर 8.80 फीसदी हो गई है। दो साल की MCLR बढ़कर 9.05 फीसदी, जबकि तीन साल की MCLR 9.10 फीसदी हो गई है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने 10 बेसिस पॉइंट तक बढ़ाई दर

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी कुछ अवधि के लिए MCLR में बदलाव किया है। बैंक ने तीन महीने की MCLR में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। यह दर अब 8.20 फीसदी से बढ़कर 8.30 फीसदी हो गई है। हालांकि, बैंक ने ओवरनाइट MCLR को 7.85 फीसदी और एक महीने की MCLR को 7.95 फीसदी पर स्थिर रखा है। 

छह महीने की MCLR 8.50 फीसदी और एक साल की MCLR 8.75 फीसदी पर अपरिवर्तित है। इस तरह बैंक ऑफ बड़ौदा की संशोधित MCLR अलग-अलग अवधि के लिए 7.85 फीसदी से 8.75 फीसदी के बीच है।

MCLR क्या है और इसका लोन पर क्या असर पड़ता है?

MCLR का पूरा नाम Marginal Cost of Funds Based Lending Rate है। यह वह आंतरिक बेंचमार्क दर है, जिसके आधार पर बैंक कई तरह के लोन की ब्याज दर तय करते हैं। RBI ने अप्रैल 2016 में MCLR व्यवस्था लागू की थी। जब MCLR में बढ़ोतरी होती है, तो इससे MCLR से जुड़े फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज लागत बढ़ सकती है। हालांकि, हर ग्राहक की EMI तुरंत नहीं बढ़ती। इसका वास्तविक असर लोन के प्रकार, बैंक के स्प्रेड और ब्याज दर की रीसेट तारीख पर निर्भर करता है।

होम और पर्सनल लोन ग्राहकों पर क्या होगा असर?

MCLR में बढ़ोतरी का असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिनके मौजूदा लोन की ब्याज दर इस बेंचमार्क से जुड़ी है। इसमें कुछ होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य खुदरा या कॉरपोरेट कर्ज शामिल हो सकते हैं। अगर लोन की अगली रीसेट तारीख पर नई MCLR लागू होती है, तो ग्राहक की प्रभावी ब्याज दर बढ़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप बैंक EMI बढ़ा सकता है या समान EMI बनाए रखते हुए लोन की अवधि बढ़ सकती है। हालांकि, जिन ग्राहकों का लोन किसी अन्य बाहरी बेंचमार्क, जैसे रेपो-लिंक्ड लेंडिंग रेट, से जुड़ा है, उन पर इस बदलाव का सीधा असर जरूरी नहीं है।

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