जैसलमेर में 3 गाड़ियों से आए 15 लोगों ने युवक पर लाठी-सरियों से हमला कर हत्या कर दी। चश्मदीद ने धमकी मिलने की बात कही। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं।
जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आपसी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह मामला खुहड़ी थाना क्षेत्र के सोड़ा गांव का है, जिसने पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
इस हमले में 15 लोगों के एक समूह पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिन्होंने लाठी-डंडों और लोहे के सरियों से हमला कर युवक को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
कैसे हुआ हमला: तीन गाड़ियों में आए थे हमलावर
प्रत्यक्षदर्शी और घायल साथी भोपाल सिंह के अनुसार, वह अपने दोस्त महावीर सिंह के साथ बाइक पर जैसलमेर से गांव लौट रहा था। लगभग 30 किलोमीटर दूर अचानक सामने से तीन गाड़ियां आती दिखाई दीं, जिनमें तेज रोशनी और डिपर का इस्तेमाल किया जा रहा था।
भोपाल सिंह ने बताया कि उन्हें शुरुआत में ही अनहोनी का अंदेशा हो गया था। जैसे ही उन्होंने बाइक धीमी की, हमलावरों ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारकर गिरा दिया और उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।
15 लोगों ने मिलकर किया हमला, लाठी-सरियों से की बेरहमी
पीड़ित के बयान के अनुसार, गाड़ियों से उतरे करीब 15 लोगों ने महावीर सिंह को घेर लिया और उस पर लाठी, डंडों और लोहे के सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमलावरों ने महावीर को तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह गंभीर रूप से घायल नहीं हो गया। इसके बाद उसे जबरन गाड़ी में डालकर अज्ञात स्थान की ओर ले जाया गया। इस पूरी घटना के दौरान हमलावर बेहद संगठित और पूर्व नियोजित तरीके से हमला करते नजर आए।
चश्मदीद का खुलासा: “मुझे जान से मारने की धमकी दी गई”
घटना के दौरान मौजूद भोपाल सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उसे भी अपनी गाड़ी में डाल लिया और कुछ दूरी तक ले जाने के बाद उसका मोबाइल छीन लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे भी जान से मार दिया जाएगा। बाद में उसे चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया गया।
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भोपाल सिंह के अनुसार, वह दो हमलावरों को पहचान सका, जबकि बाकी आरोपी अज्ञात थे। उसने यह भी दावा किया कि हमले में शामिल सभी लोग तीन गाड़ियों में आए थे।
युवक की मौत और परिजनों में आक्रोश
हमले में गंभीर रूप से घायल महावीर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के पिता गोरधन सिंह ने बताया कि आरोपी हमीर सिंह के साथ पहले भी दो-तीन बार कहासुनी हुई थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि बात इतनी आगे बढ़कर हत्या तक पहुंच जाएगी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।
मॉर्च्युरी के बाहर धरना: आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीण अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव स्वीकार नहीं करेंगे।
इस विरोध के चलते इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
पुलिस का बयान और जांच की स्थिति
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि यह घटना मंगलवार की है। मृतक महावीर सिंह अपने साथी भोपाल सिंह के साथ बाइक से जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने दोनों को रोककर पहले टक्कर मारी और फिर लाठी-डंडों से हमला किया। घटना में महावीर सिंह की मौत हो गई, जबकि भोपाल सिंह घायल हुआ है।
पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों की पहचान कर ली गई है और बाकी की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है। इलाके में नाकाबंदी कर दी गई है ताकि आरोपी फरार न हो सकें।
CCTV फुटेज से मिले सुराग
इस मामले में सामने आए CCTV फुटेज में आरोपियों को बोलेरो कैंपर से महावीर सिंह को फेंकते और मौके से भागते हुए देखा गया है। यह फुटेज जांच में महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।
पुलिस इस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।
ग्रामीणों में दहशत और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस हत्या के बाद सोड़ा गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हिंसक घटनाओं से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ रही है।
परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।









