जैतहरी में रात के समय तीन हाथियों के हमले में बुजुर्ग हंसलाल राठौर की मौत हो गई। परिजन वन विभाग की लापरवाही पर नाराज हैं। हाथी लंबे समय से इलाके में विचरण कर रहे थे और फसलें नुकसान पहुंचा रहे थे।
Madhya Pradesh: अनूपपुर जिले के जैतहरी नगर की वार्ड क्रमांक-3 में गुरुवार-शुक्रवार रात 12:30 बजे के आसपास तीन हाथियों का झुंड अचानक रहवासी इलाके में घुस आया। बुजुर्ग हंसलाल राठौर (75) अपने खेत में बने घर में सो रहे थे। हाथियों की आहट सुनते ही वह बाहर निकले, लेकिन उसी समय हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। हाथियों ने उन्हें अपनी सूंड में लपेटकर जमीन पर पटक दिया और पैर से दबाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
परिजनों ने बुजुर्ग को तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने वन विभाग पर आरोप लगाया
हादसे के बाद परिजनों ने वन विभाग की लापरवाही पर कड़ा आरोप लगाया। उनका कहना है कि हाथियों के नगर में प्रवेश के दौरान वन विभाग का अमला मौके पर नहीं था और आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार की सूचना प्रसारित नहीं की गई। यदि समय रहते अधिकारियों ने आगाह किया होता, तो हादसा टाला जा सकता था।

परिजनों ने बताया कि सुबह 9 बजे तक जिला अस्पताल में वन विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस दौरान हाथियों का झुंड खेतों और बाड़ियों में घूमते हुए फसलों को नुकसान पहुंचाता रहा।
हाथियों का लगातार विचरण
स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन हाथियों का समूह पिछले 25 दिनों से जैतहरी इलाके में विचरण कर रहा था। यह झुंड रात में नगर में प्रवेश करता और आसपास के खेतों और बाड़ियों में लगी फसलें खा जाता। घटना वाली रात हाथी पचौहा के पाठबाबा जंगल से निकलकर टकहुली-लहरपुर होते हुए वार्ड 3 के पथरहा टोला पहुंच गए।
हंसलाल राठौर के खेत में हाथियों ने अचानक हमला किया। हाथियों के हमले के दौरान बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया।
हाथियों ने कीं फसलें नष्ट
हादसे के बाद तीनों हाथी देर रात तक जैतहरी और लहरपुर गांव में विचरण करते रहे और खेतों तथा बाड़ियों में लगी फसलें खाते रहे। इससे ग्रामीणों में डर और दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की मांग की है।
स्थानीय लोग और परिजन जंगल और नगर के बीच हाथियों की आवाजाही पर रोक लगाने और चेतावनी प्रणाली बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी और व्यक्ति की जान जोखिम में न पड़े।










