जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर; वैष्णो देवी-अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन स्थगित

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन स्थगित है। जानें ताजा हालात।

जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी वर्षा और भूस्खलन की वजह से सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

Jammu Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है, जबकि खराब मौसम के कारण सड़क और बिजली संपर्क भी बाधित हुआ है। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़े हादसों में अब तक 25 लोगों की मौत की खबर है। इनमें सबसे अधिक मौतें राजौरी और पुंछ जिलों में हुई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।

भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क टूट गया है। कई प्रमुख सड़कों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। मंगलवार को उधमपुर और रामबन जिलों में पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। वहीं, जम्मू-पठानकोट हाईवे के कुछ हिस्सों में जलभराव की वजह से आवाजाही मुश्किल हो गई।

राजौरी-पुंछ हाईवे भी भूस्खलन के कारण करीब ढाई घंटे तक बंद रहा। हालांकि, प्रशासन ने मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, राजौरी और पुंछ में प्रभावित 435 सड़कों में से 356 मार्गों को दोबारा खोल दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बाकी प्रभावित मार्गों को भी जल्द से जल्द बहाल करने का काम जारी है।

नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा बढ़ा

लगातार बारिश के कारण तवी और चिनाब समेत कई नदियों तथा जलधाराओं का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकारियों ने लोगों से नदियों, नालों और अन्य जलस्रोतों से दूर रहने की अपील की है। रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित सलाल जलविद्युत परियोजना के बैराज के गेट भी जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए खोले गए हैं।

बड़गाम जिले के बीरवाह इलाके में सुखनाग नाले में अचानक पानी बढ़ने से एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बह जाने की खबर है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना सामने आई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा ले रही हैं।

वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन बंद

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर; वैष्णो देवी-अमरनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन स्थगित

खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा और अमरनाथ यात्रा को लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रखा गया। इसके अलावा शिवखोड़ी यात्रा भी प्रभावित रही। कटड़ा में वैष्णो देवी यात्रा के मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आईं। यात्रा स्थगित होने के कारण संभावित बड़े हादसे को टाला जा सका।

रिपोर्टों के अनुसार, कटड़ा में करीब 20,000 श्रद्धालु यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में कटड़ा में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश वाले स्थानों में शामिल रहा। दूसरी ओर, जम्मू, बालटाल और पहलगाम के आधार शिविरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौसम में सुधार और प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।

अमित शाह ने उपराज्यपाल से की बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से फोन पर बातचीत कर प्रदेश में बाढ़ और बारिश की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। राजौरी और पुंछ जिलों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी कई इलाकों में प्रभावित हुई है। प्रशासन की टीमें आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं।

कई इलाकों में बिजली और सड़क संपर्क प्रभावित

जम्मू जिले के खौड़ इलाके में बिजली गिरने से एक घर में दरारें आने और खिड़कियां टूटने की जानकारी सामने आई है। घटना में घर के बिजली उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए। ज्यौड़ियां के चक भगवाना क्षेत्र में एक खड्ड का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। सांबा-मानसर-उधमपुर मार्ग भी बारिश से प्रभावित हुआ, जबकि सुंब ब्लॉक के करीब 70 से 80 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। 

कठुआ के बिलावर क्षेत्र में भीनी नदी में फंसे दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, जम्मू-पठानकोट हाईवे के कुछ हिस्सों में दो से तीन फीट तक पानी भरने की सूचना मिली।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

कश्मीर घाटी के श्रीनगर, पुलवामा और बांडीपोरा सहित कई जिलों में भी रुक-रुककर बारिश होती रही। सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं। सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों के पास नहीं जाने की चेतावनी दे रही हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने, सड़क और बिजली संपर्क बहाल करने तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। मौसम में सुधार के बाद ही वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा को दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

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