जेफरी एपस्टीन केस में बड़ी कार्रवाई, हिरासत के बाद रिहा हुए प्रिंस एंड्रयू, जानिए पूरा मामला

ब्रिटेन के शाही सदस्य Prince Andrew को Jeffrey Epstein मामले में हिरासत में लिया गया। 11 घंटे पूछताछ के बाद रिहा, जांच जारी।

किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी से ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल बढ़ी। प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और निष्पक्ष जांच होगी।

United Kingdom: ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई जब किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसोर को जेफरी एपस्टीन मामले में गिरफ्तार किया गया। हालांकि गिरफ्तारी के करीब 11 घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन इस घटनाक्रम ने ब्रिटेन की राजनीति और शाही परिवार दोनों में हलचल मचा दी है।

66 वर्षीय एंड्रयू को उनके 66वें जन्मदिन के दिन पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था। यह वही एस्टेट है जो शाही परिवार की निजी संपत्तियों में गिना जाता है। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही मीडिया और आम जनता के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

क्या हैं आरोप

प्रिंस एंड्रयू पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2010 में जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज भेजे थे। उस समय एंड्रयू ब्रिटेन सरकार में व्यापार और निवेश के लिए विशेष प्रतिनिधि (Special Representative for Trade and Investment) के रूप में काम कर रहे थे। आरोपों के अनुसार उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए संवेदनशील दस्तावेज एपस्टीन तक पहुंचाए।

जेफरी एपस्टीन एक दोषी सेक्स अपराधी था, जिसके खिलाफ नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के गंभीर आरोप साबित हो चुके थे। एपस्टीन के साथ संबंधों को लेकर पहले भी एंड्रयू विवादों में रहे हैं। इन्हीं कारणों से उन्हें वर्ष 2011 में अपने आधिकारिक पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

11 घंटे की पूछताछ के बाद रिहाई

गुरुवार को हिरासत में लिए जाने के बाद एंड्रयू से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें अंडर इन्वेस्टिगेशन श्रेणी में रिहा कर दिया गया। इसका मतलब है कि फिलहाल उन पर कोई औपचारिक Charge नहीं लगाया गया है, लेकिन जांच जारी रहेगी।

जेफरी एपस्टीन केस में बड़ी कार्रवाई, हिरासत के बाद रिहा हुए प्रिंस एंड्रयू, जानिए पूरा मामला

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की रिहाई का मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है। जांच एजेंसियां आगे भी साक्ष्यों की समीक्षा करेंगी और जरूरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ की जा सकती है।

किंग चार्ल्स का बयान

गिरफ्तारी के बाद किंग चार्ल्स ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एंड्रयू से जुड़ी खबर सुनी है और सार्वजनिक कार्यालय में दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

किंग चार्ल्स का यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि शाही परिवार इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। उनका रुख स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह शाही परिवार का सदस्य ही क्यों न हो।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। उनका यह बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संकेत देता है।

एपस्टीन से संबंधों पर पहले भी विवाद

प्रिंस एंड्रयू पहले भी जेफरी एपस्टीन के साथ अपनी दोस्ती को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें एपस्टीन से जुड़ी अपनी दोस्ती पर पछतावा है। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की गलत हरकत से हमेशा इनकार किया है।

एपस्टीन की गिरफ्तारी और बाद में उसकी मौत के बाद दुनियाभर में उसके संपर्कों और संबंधों की जांच तेज हुई थी। कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे, जिनमें एंड्रयू का नाम भी शामिल था।

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