बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक अब झारखंड के चीफ जस्टिस बनेंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है और केंद्र सरकार को इस संबंध में अनुशंसा भेजी गई थी।
Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के पद पर जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक (एमएस सोनक) की नियुक्ति हो गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार को उनके नाम की अनुशंसा भेजी थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। जस्टिस सोनक बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे वरिष्ठ जज हैं और अब वह झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की 8 जनवरी को सेवानिवृत्ति होने वाली है। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस एमएस सोनक झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति पूरी हुई है।
जस्टिस एमएस सोनक कौन हैं?
जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक का जन्म 28 नवंबर, 1964 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गोवा के पणजी में स्थित डान बास्को हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने धेम्पे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस से बीएससी की डिग्री हासिल की। कानून में करियर बनाने के लिए जस्टिस सोनक ने लॉ कॉलेज, पणजी से कानून की पढ़ाई प्रथम श्रेणी में पूरी की। इसके अलावा उन्होंने जेवियर सेंटर ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च से पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी प्राप्त किया।
![]()
जस्टिस सोनक ने 1988 में महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन किया। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की पणजी पीठ में प्रैक्टिस शुरू की। उनके अभ्यास का क्षेत्र बहुत व्यापक रहा, जिसमें शामिल हैं:
- सिविल और संवैधानिक कानून
- श्रम और सेवा कानून
- पर्यावरण कानून
- वाणिज्य कर कानून और कंपनी कानून
- जनहित याचिकाएँ
जस्टिस सोनक ने कई सामाजिक और सामुदायिक मुद्दों को भी न्यायालय में उठाया और उनका समाधान कराया।
केंद्र और राज्य सरकार के लिए योगदान
अपने करियर में जस्टिस सोनक ने केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता और राज्य सरकार के विशेष अधिवक्ता के रूप में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न निगमों और संस्थाओं को कानूनी सहायता प्रदान की। जस्टिस सोनक को 21 जून, 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। तब से उन्होंने सिविल, संवैधानिक और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके न्यायिक निर्णय और विधिक विश्लेषण को अदालत और वकीलों ने हमेशा सराहा।
जस्टिस सोनक ने अपनी न्यायिक यात्रा में न्याय के उच्च मानकों और पारदर्शिता को बनाए रखा। वह न केवल कानूनी मामलों में विशेषज्ञ हैं, बल्कि समाज और जनहित के मुद्दों पर भी गंभीर रहे हैं। उनकी नियुक्ति झारखंड हाईकोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।













