संसद का शीतकालीन सत्र 2025 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा और लोकसभा में दिनभर की कार्यवाही के दौरान G-RAM-G बिल सहित आठ महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया और रोजगार पर बहस की।
नई दिल्ली: भारत की संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में दिनभर की कार्यवाही के बाद यह निर्णय लिया गया। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सुबह 11 बजे सदन की पुनः बैठक के कुछ ही समय बाद स्थगन की घोषणा की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वीबी-जी राम जी विधेयक के पारित होने के विरोध में विपक्षी प्रदर्शन के बीच सदन को स्थगित किया।
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो कल तीन देशों की यात्रा से लौटे थे, सदन में मौजूद रहे। स्थगन से पहले राज्यसभा और लोकसभा में पटल पर कई बयान और रिपोर्टें रखी गईं। वहीं, विपक्ष ने रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक के पारित होने के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा।
राज्यसभा में सत्र की प्रमुख बातें
राज्यसभा का 269वां सत्र शुक्रवार को संपन्न हुआ। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्य उत्पादकता और रचनात्मक बहसों को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि यह सत्र उनके अध्यक्ष बनने के बाद पहला था और सदस्यों ने उनके साथ पूर्ण सहयोग किया।
सभापति ने सदस्यों को पांच बार देर तक बैठने या दोपहर के भोजन के अवकाश को छोड़ने के लिए सहमति देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि शून्यकाल नोटिसों की संख्या इस सत्र में औसतन 84 प्रतिदिन रही, जो पिछले सत्रों की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है। शून्यकाल के दौरान उठाए गए मामलों की संख्या औसतन 15 प्रतिदिन रही, जो पिछले सत्रों की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।
सभापति ने सदस्यों से अपील की कि लोकतंत्र की जिम्मेदारी को समझते हुए और अधिक उत्पादक बने रहें।
लोकसभा में सत्र की कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें हुईं और सदन की कार्य उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही। सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहे।
लोकसभा ने इस सत्र में आठ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। इनमें सबसे प्रमुख था ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’, जिसे MGNREGA की जगह लाया गया। इसके अलावा सदन ने ‘भारत के रूपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्द्धन (शांति) विधेयक, 2025’, ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025’, वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगें और संबंधित विनियोग (संख्याक 4) विधेयक को पारित किया।
लोकसभा ने देश में अप्रचलित एवं पुराने कानूनों को निरस्त और संशोधित करने के लिए ‘निरसन और संशोधन विधेयक, 2025’ को भी मंजूरी दी। इसके अलावा सदन ने ‘मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025’ और पान मसाला पर उपकर लगाने वाले ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ को ध्वनिमत से पारित किया।
विपक्ष का विरोध और प्रदर्शन
सत्र के दौरान विपक्ष ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा कराने की मांग की। इस मुद्दे पर पहले दो दिन सदन की कार्यवाही बाधित रही। इसके बाद चर्चा की सहमति बन गई और कामकाज शुरू हुआ।
TMC और अन्य विपक्षी दलों ने G-RAM-G बिल के पारित होने के बाद संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना था कि यह बिल ग्रामीण भारत और मजदूरों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने विधेयक को जानबूझकर राष्ट्र-विरोधी और ग्राम-विरोधी बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में उपस्थित होकर विधेयकों की पारदर्शिता और उनके लाभ पर जोर दिया। सरकार का कहना है कि G-RAM-G बिल में मजदूरों के लिए गारंटीकृत कार्यदिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को और अवसर मिलेंगे।












