Jio और T-Mobile ने शुरू की भारत-अमेरिका के बीच दुनिया की पहली 5G SA रोमिंग सेवा

Jio और T-Mobile ने भारत-अमेरिका के बीच दुनिया की पहली 5G SA रोमिंग सेवा शुरू की। यात्रियों को तेज स्पीड, लो-लेटेंसी और सीमलेस 5G कनेक्टिविटी मिलेगी।

Jio और T-Mobile ने भारत-अमेरिका के बीच 5G स्टैंडअलोन रोमिंग सेवा शुरू की है। इससे दोनों देशों की यात्रा करने वाले ग्राहकों को बिना नेटवर्क बदले तेज स्पीड, लो-लेटेंसी और सीमलेस 5G कनेक्टिविटी मिलेगी।

Tech: Jio और T-Mobile ने भारत और अमेरिका के बीच 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क रोमिंग सेवा शुरू की है। यह दोनों कंपनियों के 5G SA नेटवर्क को रोमिंग के जरिए जोड़ने वाली दुनिया की पहली सेवा बताई गई है। इसके तहत भारत आने वाले T-Mobile ग्राहक Jio के नेटवर्क पर और अमेरिका जाने वाले Jio ग्राहक T-Mobile के 5G SA नेटवर्क पर रोमिंग का इस्तेमाल कर सकेंगे।

भारत-अमेरिका यात्रा के दौरान मिलेगा 5G रोमिंग

Jio यूजर्स अमेरिका पहुंचने पर T-Mobile के 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क पर रोमिंग कर सकेंगे। वहीं, अमेरिका से भारत आने वाले T-Mobile ग्राहक Jio के 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क का इस्तेमाल कर पाएंगे। दोनों कंपनियों के अनुसार, इस तरह दो देशों के 5G SA नेटवर्क को रोमिंग के जरिए जोड़ना दुनिया में पहली बार हुआ है।

इस सुविधा का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान कनेक्टिविटी को अधिक सहज बनाना है। ग्राहकों को देश बदलने के बाद भी तेज इंटरनेट स्पीड, लो-लेटेंसी और अधिक भरोसेमंद 5G कनेक्शन मिल सकेगा।

स्ट्रीमिंग से बिजनेस ऐप तक आसान कनेक्टिविटी

5G SA रोमिंग से भारत और अमेरिका के बीच यात्रा करने वाले यूजर्स को वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया पर ट्रैवल रील शेयर करने और बिजनेस ऐप इस्तेमाल करने के दौरान बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

T-Mobile के चीफ नेटवर्क ऑफिसर अंकुर कपूर के मुताबिक, ग्राहक एक देश से दूसरे देश पहुंचने के बाद भी स्ट्रीमिंग, ट्रैवल कंटेंट शेयर करने या बिजनेस ऐप इस्तेमाल करने के दौरान अपने 5G अनुभव को सहज बनाए रख सकेंगे।

फिलहाल यह रोमिंग कनेक्शन Jio और T-Mobile के नेटवर्क के बीच उपलब्ध है। इसलिए इसका सीधा लाभ दोनों कंपनियों की सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले भारत-अमेरिका यात्रियों को मिलेगा।

AI आधारित सेवाओं के लिए भी खुल सकता है रास्ता

Jio के हेड-इंटरनेशनल नेटवर्क, पार्टनरशिप एंड सर्विसेज मार्क यारकोस्की ने कहा कि यह पहल केवल रोमिंग सुविधा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, दोनों 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क के जुड़ने से भविष्य में ग्राहकों और कारोबारों के लिए नई सेवाओं के साथ AI आधारित सेवाओं की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

इस रोमिंग कनेक्शन को स्थापित करने में Syniverse के प्लेटफॉर्म की भी अहम भूमिका रही है। कंपनी ने Jio और T-Mobile के नेटवर्क को सुरक्षित तरीके से आपस में जोड़ने में मदद की है।

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