रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर से जैसलमेर के नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का वर्चुअल उद्घाटन किया। साथ ही 20 कोच वाली जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में शुक्रवार को भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को लेकर कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने जोधपुर रेलवे स्टेशन से पश्चिमी राजस्थान के लिए नई रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान जैसलमेर में बने नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स का वर्चुअल उद्घाटन किया गया और जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तारित 20 कोच वाले संस्करण को हरी झंडी दिखाई गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान में रेल कनेक्टिविटी, ट्रेनों के रखरखाव और यात्री क्षमता को मजबूत करना है। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और बड़ी संख्या में यात्री भी मौजूद रहे।
जैसलमेर में शुरू हुआ नया कोच केयर कॉम्प्लेक्स
कार्यक्रम की शुरुआत जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर बने नए कोच केयर कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन से हुई। रेल मंत्री ने जोधपुर से रिमोट के जरिए इस परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन किया।
रेलवे के अनुसार इस आधुनिक सुविधा केंद्र के शुरू होने से अब जैसलमेर में ही ट्रेनों की सफाई, तकनीकी जांच और रखरखाव का काम किया जा सकेगा। इससे सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसलमेर जैसे पर्यटन केंद्र में आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार पर्यटन उद्योग को भी मजबूती देगा।
साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट ट्रेन अब जाएगी जैसलमेर तक
रेल मंत्रालय ने गुजरात और राजस्थान के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए साबरमती-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार जैसलमेर तक करने की घोषणा भी की।
नई व्यवस्था के बाद यह ट्रेन अब सीधे जैसलमेर तक संचालित होगी, जिससे गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के बीच यात्रा आसान होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।

20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस बनी आकर्षण का केंद्र
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस का नया विस्तारित स्वरूप रहा। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस ट्रेन को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच का कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई वंदे भारत में कुल 1440 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि पहले यह संख्या लगभग 530 थी। नए संयोजन में 78 सीटों वाले 16 कोच, 44 सीटों वाले 2 कोच और 52 सीटों वाले 2 कोच शामिल किए गए हैं।
रेल मंत्री ने नई विस्तारित वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे का कहना है कि इससे दिल्ली और राजस्थान के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को वेटिंग लिस्ट और टिकट उपलब्धता की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
पश्चिमी राजस्थान में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई नई घोषणाएं भी की गईं। भगत की कोठी क्षेत्र में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा कोचिंग टर्मिनल विकसित करने की योजना पेश की गई।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह नया टर्मिनल भविष्य में ट्रेनों के संचालन और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इसके अलावा यहां देश के पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो के दूसरे चरण की भी घोषणा की गई।
इस परियोजना में अत्याधुनिक वर्कशॉप और रेलवे कर्मचारियों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल होगा।
जोधपुर-मारवाड़ रेलखंड पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
रेल मंत्री ने जोधपुर-लूणी-मारवाड़ रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा करने की योजना का भी जिक्र किया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक अपग्रेड और सिग्नलिंग सुधार के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाई जाएगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और संचालन अधिक कुशल बनेगा।
जालोर को मिलेगी दिल्ली से सीधी रेल कनेक्टिविटी
जोधपुर कार्यक्रम के बाद रेल मंत्री जालोर के लिए रवाना होंगे, जहां नई भुज-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
यह ट्रेन भीलड़ी-जालोर-पाली मारवाड़ मार्ग से संचालित होगी और पहली बार जालोर को सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
रेलवे आधुनिकीकरण पर सरकार का फोकस
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिक तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों और नए मेंटेनेंस डिपो के जरिए रेलवे नेटवर्क को विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में रेल नेटवर्क के विस्तार से पर्यटन उद्योग को भी बड़ा फायदा होगा। जैसलमेर, जोधपुर और जालोर जैसे क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
इसके अलावा स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम में लाइव जुड़ीं दो लोकेशन
जोधपुर और जैसलमेर दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों को लाइव वीडियो लिंक के जरिए जोड़ा गया। दोनों शहरों में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एक-दूसरे के कार्यक्रमों को रियल टाइम में देखा।
रेलवे अधिकारियों ने इसे डिजिटल तकनीक के जरिए समन्वित रेलवे प्रबंधन का उदाहरण बताया।










