राजधानी जयपुर में मानसरोवर और ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चार स्कूटी और एक मोटरसाइकिल सहित कुल पांच चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं।
जयपुर; राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मानसरोवर और ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें कुल 5 चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं।
इन बरामद वाहनों में 4 स्कूटी और 1 मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह सफलता तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के विश्लेषण के कारण संभव हो पाई है।
CCTV और तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
Rajasthan Police ने डीसीपी साउथ के निर्देशन में मानसरोवर क्षेत्र में बढ़ रही स्कूटी चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया था।
इस टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया। इसके साथ ही तकनीकी डेटा और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों—लक्की गुलराजानी (20) और विश्वजीत बर्मन उर्फ बाबू (27)—को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन दोनों ने कई चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की।
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आरोपियों की निशानदेही पर 4 स्कूटी बरामद
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर 4 चोरी की स्कूटी बरामद की हैं। यह स्कूटी शहर के अलग-अलग इलाकों से चोरी की गई थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुनसान स्थानों पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे और चोरी के बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों पर छिपा देते थे, ताकि पकड़े जाने का खतरा कम हो।
ट्रांसपोर्ट नगर में भी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार
इसी तरह ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जतिन उर्फ तन्ना (19) को गिरफ्तार किया।
इस मामले में पुलिस ने CCTV फुटेज, मुखबिर की सूचना और पूर्व अपराधियों के रिकॉर्ड का सहारा लिया। इन सभी सुरागों को जोड़कर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
संगठित तरीके से हो रही थी चोरी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। वे ऐसे स्थानों को निशाना बनाते थे जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो या निगरानी कम हो।
पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य शहरों या जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए अब आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें वाहन मालिक
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पार्क करें और संभव हो तो अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।
इसके अलावा, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की भी सलाह दी गई है, जिससे अपराधों को समय रहते रोका जा सके।







