दो दिन में 89 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर, चेतावनी बिंदु से अभी 2.06 मीटर नीचे

कानपुर में दो दिनों में गंगा का जलस्तर 89 सेंटीमीटर बढ़ा। नदी अभी चेतावनी बिंदु से 2.06 मीटर नीचे है। प्रशासन ने तटीय गांवों और घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है।

कानपुर में गंगा का जलस्तर पिछले दो दिनों में 89 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि नदी अभी चेतावनी बिंदु से 2.06 मीटर नीचे बह रही है। प्रशासन ने गंगा किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है।

कानपुर: लगातार बढ़ते जलप्रवाह के बीच कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर पिछले दो दिनों में 89 सेंटीमीटर बढ़ गया है। शुक्लागंज में रविवार को जलस्तर 110.94 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 113 मीटर से अभी 2.06 मीटर नीचे है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।

दो दिनों में तेजी से बढ़ा गंगा का जलस्तर

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई को शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 110.05 मीटर था, जो 26 जुलाई तक बढ़कर 110.94 मीटर पहुंच गया। यानी केवल दो दिनों में जलस्तर में 89 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि फिलहाल नदी चेतावनी बिंदु से 2.06 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

घाटों तक पहुंचा नदी का पानी

जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा का पानी कई घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। इसके साथ ही नदी में जलकुंभी की मात्रा भी बढ़ने लगी है, जिससे घाटों और नदी किनारे गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

नगर निगम ने एहतियात के तौर पर अटल घाट पर बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि लोग नदी के तेज बहाव वाले हिस्से की ओर न जा सकें। प्रशासन लोगों से भी नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील कर रहा है।

तटीय गांवों में बढ़ाई गई सतर्कता

गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन संभावित स्थिति पर नजर रखे हुए है और संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

नरोरा बांध और बैराज से छोड़ा जा रहा पानी

जल संसाधन विभाग के अनुसार, नरोरा बांध से 67,419 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं बैराज से शुक्लागंज की ओर 1,08,193 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है। बढ़ते डिस्चार्ज का असर गंगा के जलस्तर पर भी देखने को मिल रहा है।

गंगा का चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में नदी इन दोनों स्तरों से नीचे है, लेकिन प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गंगा किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बच्चों और श्रद्धालुओं को नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

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