कर्नाटक भाजपा ने 25 और 26 जुलाई को विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के समर्थन में राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान की घोषणा की है। पार्टी का लक्ष्य एक करोड़ परिवारों तक पहुंचकर मतदाताओं को जागरूक करना और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखना है।
बेंगलुरु: कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर राज्यभर में दो दिवसीय व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बताया कि 25 और 26 जुलाई को आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लगभग एक करोड़ परिवारों तक पहुंचकर मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना और उनकी शंकाओं का समाधान करना है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चलेगा अभियान
बी.वाई. विजयेंद्र के अनुसार यह अभियान राज्य की सभी विधानसभा सीटों पर एक साथ चलाया जाएगा। इसमें भाजपा के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व जनप्रतिनिधि और हजारों कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता को कम से कम 20 परिवारों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े प्रपत्रों की जानकारी देंगे, लोगों की शंकाओं का समाधान करेंगे और उन्हें प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे। पार्टी का दावा है कि इस पहल से मतदाता जागरूकता बढ़ेगी और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी।
SIR अभियान का उद्देश्य
भाजपा के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना, नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना और त्रुटियों को दूर करना है। विजयेंद्र ने कहा कि कई लोगों के मन में मतदाता सूची संशोधन को लेकर भ्रम है। इसलिए पार्टी कार्यकर्ता लोगों तक पहुंचकर उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाएंगे ताकि वे बिना किसी परेशानी के आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सकें।
सूखे की स्थिति पर राज्य सरकार को घेरा
SIR अभियान की घोषणा के साथ भाजपा ने राज्य में वर्षा की कमी और सूखे जैसी स्थिति को लेकर कांग्रेस सरकार पर भी सवाल उठाए। विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कई जिलों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि मंत्रियों को गांवों और सूखाग्रस्त जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए और किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
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किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, वे अब बारिश की कमी के कारण आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि केंद्र सरकार की सहायता का इंतजार किए बिना राज्य स्तर पर राहत पैकेज लागू किया जाए। उनके अनुसार संकट की स्थिति में किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
NEET और छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया
विजयेंद्र ने NEET परीक्षा को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद आवश्यक कदम उठाते हुए पुनर्परीक्षा आयोजित की। उनके अनुसार इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय छात्रों के हितों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे युवाओं को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी प्रदर्शन में हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणियों की भी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार ने युवाओं के रोजगार और सरकारी रिक्तियों को भरने के लिए क्या कदम उठाए थे। विजयेंद्र ने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय रोजगार, शिक्षा और किसानों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
दूसरे हवाई अड्डे के प्रस्ताव पर आपत्ति
विजयेंद्र ने बेंगलुरु के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रस्तावित स्थान को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि नया हवाई अड्डा तुमकुरु क्षेत्र के पास विकसित किया जाता है तो इससे मध्य और उत्तर कर्नाटक के सात से आठ जिलों को लाभ मिलेगा। इससे बेंगलुरु पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बड़े बुनियादी ढांचा परियोजना का निर्णय पूरे राज्य के हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी सक्रियता
विश्लेषकों का मानना है कि SIR अभियान केवल मतदाता जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भाजपा के व्यापक जनसंपर्क अभियान का भी हिस्सा है। आने वाले समय में राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है और विभिन्न दल मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं। भाजपा का मानना है कि घर-घर पहुंचकर संवाद स्थापित करने से मतदाताओं के बीच विश्वास बढ़ेगा और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूती मिलेगी।
आगे क्या?
25 और 26 जुलाई को प्रस्तावित इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ता पूरे कर्नाटक में एक करोड़ परिवारों तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। अभियान के साथ पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण, किसानों की समस्याओं, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर भी अपनी बात जनता तक पहुंचाएगी। इस पहल का प्रभाव आने वाले महीनों में राज्य की राजनीतिक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों पर भी देखने को मिल सकता है।









