कर्नाटक कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व पर BJP का प्रदर्शन, कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कर्नाटक कैबिनेट में महिला मंत्री नहीं होने पर BJP ने प्रदर्शन किया। बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया।

कर्नाटक कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व नहीं होने के विरोध में बीजेपी विधायकों और एमएलसी ने बेंगलुरु के विधान सौध में प्रदर्शन किया। बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर महिलाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कैबिनेट में उचित हिस्सेदारी की मांग की।

बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा के बाहर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने प्रदर्शन किया। बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर कैबिनेट में महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने इसे महिलाओं के प्रति सरकार का कथित तौर पर भेदभावपूर्ण रवैया बताया और मंत्रिमंडल में महिलाओं को उचित हिस्सेदारी देने की मांग की।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन विधान सौध परिसर में भुवनेश्वरी प्रतिमा के पास किया गया। इस दौरान बीजेपी विधायकों और एमएलसी ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और हाथों में महिला प्रतिनिधित्व की मांग वाले पोस्टर लेकर विरोध जताया।

कर्नाटक कैबिनेट में महिला मंत्री नहीं होने पर सवाल

बीजेपी का मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि राज्य मंत्रिमंडल में फिलहाल एक भी महिला मंत्री नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि कर्नाटक की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है, इसलिए शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ऐसे पोस्टर प्रदर्शित किए, जिनमें कर्नाटक के इतिहास में पहली बार कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व नहीं होने का दावा किया गया। इसके अलावा कांग्रेस पर महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने और महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने में प्राथमिकता नहीं देने जैसे आरोप भी लगाए गए।

बीजेपी नेताओं ने कहा कि महिलाओं को केवल चुनाव के दौरान मतदाता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें सत्ता और प्रशासन में भी बराबर अवसर मिलना चाहिए।

विजयेंद्र बोले- महिलाओं का अपमान है प्रतिनिधित्व न देना

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की करीब 50 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। ऐसे में उन्हें सरकार में उचित और समान प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है।

विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक सामाजिक सुधारकों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। उन्होंने बसवन्ना और अक्कमहादेवी जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे राज्य में विधानसभा सत्र के दौरान मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया। विजयेंद्र के मुताबिक, हालिया कैबिनेट विस्तार के दौरान एक महिला नेता को मंत्री बनाए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया। बीजेपी नेता ने कहा कि किसी महिला के नाम की घोषणा करने के बाद उसे शपथ लेने का अवसर नहीं देना भी महिलाओं के प्रति अपमानजनक रवैये को दर्शाता है।

गायत्री शांतिगौड़ा के नाम पर भी विवाद

कर्नाटक कैबिनेट में केवल एक मंत्री पद खाली बताया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से एमएलसी गायत्री शांतिगौड़ा का नाम इस पद के लिए सामने आया था, लेकिन बाद में उन्हें मंत्री पद की शपथ लेने की अनुमति नहीं मिली।

बीजेपी ने इसी घटनाक्रम को महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे से जोड़ते हुए कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। पार्टी का कहना है कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देना चाहती है तो कैबिनेट में उन्हें जगह मिलनी चाहिए।

हालांकि, सरकार की ओर से महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बीजेपी के आरोपों पर क्या औपचारिक प्रतिक्रिया है, यह अलग राजनीतिक मुद्दा है। बीजेपी ने अपने प्रदर्शन के जरिए इस विषय को विधानसभा के मौजूदा राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता से उठाया है।

महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस पर निशाना

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने महिला आरक्षण को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों में कांग्रेस पर महिला आरक्षण विधेयक के विरोध का आरोप लगाया गया।

बीजेपी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक, महिलाओं को स्थानीय निकायों से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलने चाहिए।

विजयेंद्र ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

बी. नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी पर भी हमला

महिला प्रतिनिधित्व के अलावा बीजेपी ने पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के मुद्दे पर भी कांग्रेस सरकार को घेरा।

विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का विरोध नागेंद्र की जाति या समुदाय को लेकर नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी की आपत्ति ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप रहे हैं।

नागेंद्र ने पिछली सिद्धारमैया सरकार के दौरान कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले के विवाद के बीच मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। अब उनकी संभावित या कथित वापसी को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं।

विजयेंद्र ने कहा कि अगर नागेंद्र मामले में पूरी तरह आरोपमुक्त हो जाते हैं तो बीजेपी को उनके मंत्री बनने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने पार्टी के रुख को जाति आधारित विरोध के बजाय भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा बताया।

वाल्मीकि निगम मामले को लेकर BJP का आरोप

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने वाल्मीकि निगम से जुड़े मामले को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए निर्धारित धन का कथित तौर पर दुरुपयोग हुआ।

उन्होंने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों को केवल जाति या समुदाय के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। विजयेंद्र के मुताबिक, भ्रष्टाचार के आरोपों को किसी समुदाय का रंग देना उचित नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

बीजेपी नेता ने यह भी दावा किया कि वाल्मीकि समुदाय के कुछ प्रमुख लोगों ने उनसे मुलाकात की और नागेंद्र को दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करने के फैसले पर नाराजगी जताई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

बीजेपी ने राज्यव्यापी आंदोलन के संकेत दिए

विजयेंद्र ने दावा किया कि कुछ सामुदायिक नेताओं ने नागेंद्र की वापसी के विरोध में राज्यव्यापी अभियान और पदयात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर अपने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेगी और इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ नागेंद्र की कैबिनेट में वापसी का मुद्दा भी आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है। बीजेपी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर विरोध जारी रखने की रणनीति अपना सकती है।

कर्नाटक की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव

कर्नाटक कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और शासन में भागीदारी से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के लिए यह सवाल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है। राज्य की राजनीति में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल पहले से ही महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में महिला मंत्री की अनुपस्थिति और गायत्री शांतिगौड़ा के नाम से जुड़ा घटनाक्रम विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर दे रहा है।

दूसरी ओर, बी. नागेंद्र को लेकर बीजेपी की आपत्ति ने विवाद को और व्यापक कर दिया है। एक तरफ विपक्ष महिला प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सवाल उठा रहा है।

अब सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी। यदि कैबिनेट में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर कोई फैसला होता है, तो इससे राजनीतिक विवाद कुछ हद तक शांत हो सकता है। वहीं, यदि स्थिति बनी रहती है तो बीजेपी के राज्यव्यापी आंदोलन की संभावना कर्नाटक की राजनीति में तनाव और बढ़ा सकती है।

फिलहाल बीजेपी ने महिला प्रतिनिधित्व को लेकर अपना विरोध स्पष्ट कर दिया है और सरकार से कैबिनेट में महिलाओं को उचित स्थान देने की मांग की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने की संभावना है।

Leave a comment