उत्तराखंड में शुक्रवार को भारी बारिश और भूस्खलन से कुमाऊं में जनजीवन प्रभावित हुआ। कई सड़कें बंद हैं, कैलास मानसरोवर मार्ग बाधित है और रेलवे ट्रैक पर मलबा आने से लालकुआं-काशीपुर रेल सेवा भी प्रभावित हुई।
उत्तराखंड: राज्य के कई जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश के बाद भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुमाऊं मंडल सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां कई मार्ग बंद हो गए हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही बाधित है, जबकि लालकुआं-काशीपुर रेलखंड पर ट्रैक जलमग्न होने से एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन भी रद्द करना पड़ा।
कुमाऊं में भारी बारिश से सड़क संपर्क प्रभावित
उत्तराखंड में दो दिन मौसम साफ रहने के बाद शुक्रवार सुबह से कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। लगातार वर्षा और भूस्खलन के कारण कुमाऊं मंडल में जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई मार्गों पर मलबा आने से आवाजाही बाधित है। राज्य में करीब 87 मार्ग भूस्खलन के कारण प्रभावित बताए जा रहे हैं।

मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए देहरादून और नैनीताल में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को स्कूलों में अवकाश घोषित किया। प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की अपील की गई है।
कुमाऊं के कई हिस्सों में बारिश का असर अधिक दिखाई दिया। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई स्थानों पर यातायात रोकना पड़ा है।
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आवाजाही बंद
भारी बारिश और मलबे के कारण कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग भी प्रभावित हुआ है। मलघाट और एलागाड़ के पास मार्ग बंद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा थल-मुनस्यारी मार्ग झेकला के पास बाधित है।
तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर तीनतोला के पास मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई। इस मार्ग के बाधित होने से चीन सीमा की ओर जाने वाला संपर्क भी प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती प्रभावित मार्गों को खोलने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बनी हुई है।
यात्रा मार्गों पर स्थिति को देखते हुए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
रेलवे ट्रैक पर मलबा, पैसेंजर ट्रेन रद्द
नैनीताल जिले में लगातार हो रही बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। लालकुआं-काशीपुर रेलखंड के टांडा जंगल क्षेत्र में भारी मात्रा में पानी और मलबा रेलवे ट्रैक पर आ गया। इससे ट्रैक जलमग्न हो गया और रेल संचालन प्रभावित हुआ।
मलबे और पानी की स्थिति को देखते हुए काशीपुर से लालकुआं जाने वाली 55303 पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुक्रवार को रद्द कर दिया गया। यह ट्रेन काशीपुर से सुबह 8:05 बजे रवाना होकर करीब 9:55 बजे लालकुआं पहुंचती है।
रेलवे ट्रैक पर पानी और मलबा आने के बाद संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन संचालन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
नैनीताल में मूसलधार बारिश, झील का जलस्तर बढ़ा
नैनीताल में शुक्रवार सुबह से तेज बारिश जारी रही। लगातार वर्षा के कारण शहर की सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा और पर्यटन गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। निचले इलाकों और कुछ सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई।
नैनीताल झील का जलस्तर 85.6 फीट से ऊपर पहुंच गया है। वहीं, सुबह से करीब 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण तापमान में भी गिरावट आई और नगर में तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश के कारण नाले भी उफान पर हैं और मल्लीताल फील्ड समेत कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। ऑरेंज अलर्ट के चलते स्कूलों में अवकाश रहा। मौसम विभाग ने शनिवार को भी मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।
नैनीताल जिले की आठ सड़कें बंद
लगातार बारिश के कारण नैनीताल जिले में कई सड़कें मलबा और भूस्खलन आने से बंद हैं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार कूल मोटर मार्ग, गर्जिया-बेतालघाट, फतेहपुर-बेल, अंबेडकर नगर-रीखोली, भिंडापानी-महतोली, स्यूड़ा-हरिशताल, पटलोट-पश्या गांव और पंगोट-देचोरी मार्ग प्रभावित हैं।
उधर बागेश्वर में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जबकि पिथौरागढ़ में भी तेज बारिश का सिलसिला जारी है। फिलहाल बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हैं।











