पश्चिम बंगाल के हल्दिया में नेफ्था पाइपलाइन में विस्फोट के बाद लगी आग में 17 लोग झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर है। हादसे से रेलवे सेवा प्रभावित हुई, जबकि दमकल कर्मी आग बुझाने और एजेंसियां घटना के कारणों की जांच में जुटी हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर हल्दिया में सोमवार देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया, जब नेफ्था (Naphtha) की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में कम से कम 17 लोग झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि इसकी लपटें आसपास के रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं और कई घर इसकी चपेट में आ गए। घटना के कारण पास से गुजरने वाली रेलवे लाइन भी प्रभावित हुई, जिससे कई ट्रेन सेवाओं को रोकना और कुछ को रद्द करना पड़ा।
प्रशासन, दमकल विभाग और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है, जबकि शुरुआती रिपोर्ट में पाइपलाइन के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
रात के सन्नाटे में हुआ धमाका, देखते ही देखते फैल गई आग
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सोमवार देर रात करीब 2:45 बजे हुआ। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था सप्लाई पाइपलाइन में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। चिरंजीबपुर इलाके में रहने वाले लोग तेज धमाके और आग की लपटों से जाग गए। कई परिवारों को आनन-फानन में अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की ऊंची लपटें और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
17 लोग झुलसे, कई अस्पतालों में भर्ती
हादसे में घायल हुए 17 लोगों को पहले हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से पांच गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए तमलुक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दो मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उनका विशेष चिकित्सा निगरानी में उपचार चल रहा है। प्रशासन ने बताया कि अधिकांश घायलों को आग की लपटों और तेज गर्मी के कारण जलने की चोटें आई हैं।
आग बुझाने में जुटीं दमकल की कई टीमें
घटना के बाद दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई घंटों तक लगातार अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि नेफ्था अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग बुझाने का कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। पुलिस ने आसपास के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का भी काम किया।
रेलवे लाइन भी प्रभावित, कई ट्रेन सेवाओं में बदलाव
जहां पाइपलाइन में आग लगी, उसके बिल्कुल पास हल्दिया और दुर्गाचक के बीच रेलवे ट्रैक गुजरता है। आग की वजह से रेलवे की ओवरहेड विद्युत प्रणाली (OHE) को नुकसान पहुंचा, जिसके चलते रेल यातायात तत्काल रोक दिया गया।
दक्षिण पूर्व रेलवे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से कई ट्रेन सेवाओं में बदलाव करना पड़ा। हावड़ा-हल्दिया लोकल ट्रेन को रद्द कर दिया गया, जबकि कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते तक ही संचालित किया गया। अन्य सेवाओं को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित किया गया ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक और बिजली व्यवस्था की मरम्मत पूरी होने के बाद ही सेवाएं सामान्य की जाएंगी।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
पुलिस और संबंधित एजेंसियां अभी तक आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं लगा सकी हैं। पूरे घटनास्थल को सील कर फोरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही है।

कंपनी ने क्या कहा?
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना मिली है और कंपनी सभी प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रही है। कंपनी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि घटना उस स्थान के आसपास हुई हो सकती है जहां पहले नेफ्था चोरी की घटनाओं की आशंका जताई गई थी। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही लगाया जा सकेगा।
क्या होता है नेफ्था और क्यों है इतना खतरनाक?
नेफ्था पेट्रोलियम रिफाइनिंग प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाला हल्का तरल हाइड्रोकार्बन मिश्रण है। यह पेट्रोकेमिकल उद्योग में अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग प्लास्टिक, सिंथेटिक फाइबर, रसायन, उर्वरक और कई औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
नेफ्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अत्यधिक ज्वलनशील होता है। थोड़ी सी चिंगारी या ऊंचा तापमान भी इसे तुरंत आग पकड़ने के लिए पर्याप्त होता है। यही कारण है कि इसकी पाइपलाइन, भंडारण और परिवहन के दौरान बेहद कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
स्थानीय लोगों के लिए पहले भी जारी की गई थी चेतावनी
कंपनी ने बताया कि वह पहले भी कई बार स्थानीय लोगों को पेट्रोलियम उत्पादों की पाइपलाइन के साथ छेड़छाड़ या अवैध गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी देती रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोकेमिकल पाइपलाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की अवैध खुदाई, चोरी या तकनीकी छेड़छाड़ गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हल्दिया देश के प्रमुख पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक केंद्रों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में रिफाइनरी, रासायनिक संयंत्र और पेट्रोकेमिकल इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और पाइपलाइन निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए पाइपलाइन मॉनिटरिंग, नियमित निरीक्षण और स्थानीय जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने, घायलों के उपचार और रेल सेवाओं को बहाल करने पर है। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञ घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ। तब तक पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रभावित क्षेत्र की निगरानी लगातार जारी है।











