यह कहानी हमें संकट के समय धैर्य और बुद्धिमानी से काम लेने की प्रेरणा देती है। यह हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, अगर हम शांत रहकर अपनी बुद्धि का प्रयोग करें, तो हम नामुमकिन लगने वाले काम को भी मुमकिन बना सकते हैं। 'जहाँ चाह होती है, वहाँ राह निकल ही आती है।'
कहानी
बहुत समय पहले की बात है, भीषण गर्मी का मौसम था। सूरज आग उगल रहा था और जंगल के सभी नदी-नाले और तालाब सूख चुके थे। पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ था। उसी जंगल में एक कौवा रहता था, जो प्यास के मारे बेहाल था। वह पानी की तलाश में मीलों उड़ता रहा, लेकिन उसे कहीं भी पानी की एक बूंद तक नज़र नहीं आई।
उड़ते-उड़ते कौवे की हिम्मत जवाब देने लगी थी। उसे लगा कि अब वह प्यास के कारण अपनी जान गँवा देगा। तभी अचानक उसकी नज़र एक पुराने बाग में रखे एक घड़े पर पड़ी। कौवा उम्मीद के साथ तुरंत उड़कर घड़े के पास पहुँचा। उसने घड़े के अंदर झाँक कर देखा, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा—घड़े में पानी था!
लेकिन जैसे ही कौवे ने अपनी चोंच पानी तक पहुँचाने की कोशिश की, उसे एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। घड़े का मुँह बहुत संकरा था और पानी तलहटी में बहुत नीचे था। कौवे ने बहुत प्रयास किया, पर उसकी चोंच पानी को छू तक नहीं पाई। कौवा निराश होकर बैठ गया। उसने सोचा, 'क्या मेरी किस्मत इतनी खराब है कि सामने पानी होते हुए भी मैं अपनी प्यास नहीं बुझा सकता?'
परंतु, वह हार मानने वाला नहीं था। उसने घड़े के चारों ओर देखा। वहाँ ज़मीन पर बहुत सारे छोटे-छोटे कंकड़ बिखरे पड़े थे। कंकड़ों को देखकर कौवे के दिमाग में एक तरकीब आई। उसने सोचा, 'अगर मैं ये कंकड़ घड़े में डाल दूँ, तो शायद पानी ऊपर आ जाए।'
उसने बिना समय बर्बाद किए एक-एक करके अपनी चोंच से कंकड़ उठाए और उन्हें घड़े में डालना शुरू कर दिया। यह काम बहुत मेहनत वाला था और धूप तेज़ थी, लेकिन कौवा अपनी समझदारी और लगन के साथ लगा रहा। जैसे-जैसे कंकड़ घड़े में नीचे बैठते गए, पानी का स्तर धीरे-धीरे ऊपर आने लगा।
कुछ ही समय बाद, पानी घड़े के मुँह तक आ पहुँचा। कौवे की आँखों में चमक आ गई। उसने जी भर कर ठंडा पानी पिया और अपनी प्यास बुझाई। अब उसकी थकान मिट चुकी थी। उसने अपनी समझदारी पर गर्व महसूस किया और खुशी-खुशी काँव-काँव करते हुए आकाश में उड़ गया।
सीख
इस कहानी से हमें यह अनमोल सीख मिलती है कि 'बुद्धि और परिश्रम से कठिन से कठिन समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।' जीवन में जब भी कोई मुश्किल आए, तो घबराने के बजाय अपनी समझदारी का इस्तेमाल करना चाहिए। कठिन परिश्रम और सही योजना हमेशा इंसान को सफल बनाती है।













