जैसलमेर की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन में लापरवाही और पानी चोरी पर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि दोषियों का हाल महेश जोशी जैसा होगा और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के फलसूंड में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन और पेयजल व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर सख्त रुख अपनाया। ग्रामीणों की शिकायतों के बीच उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पानी की चोरी या गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार “जीरो टॉलरेंस नीति” पर काम कर रही है।
शेखावत ने कहा, “जो पानी के पैसे की चोरी करेगा, उसका वही हश्र होगा जैसा महेश जोशी का हुआ है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली ठेकेदार क्यों न हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।”
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की शिकायतें: पानी और बिजली संकट पर नाराजगी
फलसूंड में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पीने के पानी की गंभीर समस्या उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में न तो पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है और न ही पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था है।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने जिला प्रशासन और पीएचईडी विभाग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है।
उन्होंने कहा, “यह केवल विभाग की नहीं बल्कि जिला प्रशासन और कलेक्टर स्तर की भी नाकामी है।”
जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर सख्त चेतावनी
गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन के तहत टैंकर सप्लाई और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी टैंकरों के रूट, सप्लाई और वितरण की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड की जाए।
उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी, बल्कि एक मजबूत और फुलप्रूफ मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि सरकार की नीति स्पष्ट है—भ्रष्टाचार या गड़बड़ी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली व्यवस्था पर भी तीखी प्रतिक्रिया
रात्रि चौपाल में बिजली की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठा, जिस पर शेखावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जैसलमेर की बिजली व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है और लंबे समय से सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “यहां की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे है। पूरे राजस्थान में सुधार हुआ है, लेकिन जैसलमेर अब भी पीछे है।

शेखावत ने पूर्व योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं में भी गंभीर लापरवाही हुई, जिसके कारण हजारों परिवार आज भी बिजली कनेक्शन से वंचित हैं।
“ग्राम ज्योति योजना” पर भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “ग्राम ज्योति योजना” का उद्देश्य हर घर तक बिजली पहुंचाना था, लेकिन राज्य स्तर पर गलत रिपोर्टिंग के कारण योजना प्रभावित हुई।
उन्होंने दावा किया कि पहले सरकार ने गलत जानकारी दी थी कि 100% विद्युतीकरण हो चुका है, जबकि वास्तविकता यह थी कि जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में हजारों कनेक्शन बाकी थे।
ग्रामीण विकास और पारदर्शिता पर जोर
शेखावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं की मॉनिटरिंग मजबूत की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
राजनीतिक संदेश और सख्त रुख
केंद्रीय मंत्री के इस बयान को जल जीवन मिशन और ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता लाने की सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि सरकार अब किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे वह किसी भी स्तर पर क्यों न हो।











