Khatu Shyam Ji में नॉन-वेंडिंग जोन में अतिक्रमण करने वालों पर AI से ऑटोमैटिक चालान कटेंगे। कलेक्टर Ashish Modi ने सीवरेज, ड्रेनेज, ट्रैफिक सुधार और रिंग रोड प्रस्ताव को प्राथमिकता देने की बात कही।
सीकर: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी मंदिर और आसपास के कस्बे में बढ़ती भीड़, ट्रैफिक दबाव और अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर नई कार्ययोजना तैयार की है। सीकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब नॉन-वेंडिंग जोन में अवैध रूप से दुकान, रेहड़ी या ठेला लगाने वालों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए स्वत: चालान काटे जाएंगे।
यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा, ट्रैफिक सुधार और कस्बे के सुनियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि खाटू को अतिक्रमण-मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं वाला तीर्थ स्थल बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ की विस्तृत बैठक
सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने खाटूश्यामजी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, व्यापार मंडल, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य खाटू क्षेत्र की मौजूदा समस्याओं को समझना और उनके व्यावहारिक समाधान तैयार करना था।
कलेक्टर ने कहा कि:
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी
सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को सबसे पहले सुधारा जाएगा
अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई होगी
विकास कार्यों के लिए विभागवार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री स्तर पर भी खाटूश्यामजी के विकास को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है।

AI तकनीक से होगी नॉन-वेंडिंग जोन की निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाटू कस्बे में तय नॉन-वेंडिंग जोन में यदि कोई अस्थायी दुकान, ठेला या रेहड़ी लगाता है, तो AI आधारित सिस्टम उसे चिन्हित करेगा और स्वत: चालान जारी होगा।
इस तकनीक से:
सड़क किनारे अवैध कब्जों पर नियंत्रण होगा
पैदल श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ता मिलेगा
मुख्य बाजार में भीड़भाड़ कम होगी
यातायात व्यवस्था बेहतर होगी
प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था भविष्य में धार्मिक पर्यटन प्रबंधन का नया मॉडल बन सकती है।
सीवरेज, ड्रेनेज और मूलभूत सुविधाएं पहली प्राथमिकता
खाटू में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण कस्बे की पुरानी सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
कलेक्टर ने कहा कि:
सीवरेज लाइन विस्तार का काम प्राथमिकता से होगा
ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा
जलभराव की समस्या खत्म करने पर काम होगा
स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार पर फोकस रहेगा
प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों दोनों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें।
रुके हुए विकास कार्य फिर होंगे शुरू
प्रशासन ने बताया कि खाटूश्यामजी में पिछले कुछ समय से रुके हुए विकास कार्य जल्द फिर शुरू किए जाएंगे।
फिलहाल जिन प्रमुख परियोजनाओं पर काम जारी है, उनमें शामिल हैं:
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
उप-जिला अस्पताल के नए भवन का निर्माण
सड़क सुधार कार्य
पैदल श्रद्धालु मार्ग
इन परियोजनाओं का मकसद बढ़ते धार्मिक पर्यटन को बेहतर ढंग से संभालना है।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए रिंग रोड और अतिरिक्त पुलिस बल
खाटू में सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम की बताई जा रही है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर कस्बे में भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी होती है।
सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि:
अतिरिक्त पुलिस बल की मांग राज्य स्तर पर भेजी गई है
लगभग एक सप्ताह में अतिरिक्त बल तैनात होने की संभावना है
ट्रैफिक थाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है
फिलहाल अस्थायी तौर पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए जा रहे हैं
रिंग रोड योजना पर जोर
स्थानीय लोगों ने कस्बे के चारों ओर रिंग रोड की मांग रखी। प्रशासन ने बताया कि:
प्रारंभिक सर्वे शुरू हो चुका है
जल्द विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा
रिंग रोड बनने से:
बाहरी वाहनों का दबाव कम होगा
स्थानीय बाजार में जाम घटेगा
श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी
स्थानीय लोगों ने रखीं कई अहम मांगें
बैठक में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने कई सुझाव दिए। प्रमुख मांगें थीं:
निकास द्वार पर स्थायी 40 फीट चौड़ा मार्ग
कबूतर चौक क्षेत्र से अतिक्रमण हटाना
मुख्य बाजार को अतिक्रमण-मुक्त करना
रींगस से खाटू तक अधूरा पैदल मार्ग पूरा करना
ई-रिक्शा संचालन पर नियंत्रण
नॉन-वेंडिंग जोन की स्पष्ट व्यवस्था
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने कहा कि अनियंत्रित अस्थायी दुकानों और ई-रिक्शा के कारण श्रद्धालुओं और व्यापारियों दोनों को परेशानी हो रही है।
रोपवे परियोजना पर फिर होगा विचार
खाटूश्यामजी के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना पर भी बैठक में चर्चा हुई। कई स्थानीय लोगों और व्यापार संगठनों ने इसका विरोध किया।
उनका तर्क है कि:
मंदिर मैदानी क्षेत्र में स्थित है
रोपवे की वास्तविक जरूरत नहीं है
इससे कुछ सीमित लोगों को लाभ होगा
भीड़ प्रबंधन और अव्यवस्था बढ़ सकती है
कलेक्टर ने कहा कि इस परियोजना पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोबारा विचार किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन के लिए नया मॉडल बन सकता है खाटू
प्रशासन की यह नई पहल खाटूश्यामजी को अधिक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित धार्मिक गंतव्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
यदि AI निगरानी, ट्रैफिक सुधार, अतिक्रमण हटाने और बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो खाटू भविष्य में भारत के स्मार्ट तीर्थस्थलों की सूची में प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।











