किलियन एमबाप्पे ने रचा नया इतिहास: वर्ल्ड कप में 16 गोल के साथ क्लोजा की बराबरी, मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ 2 गोल दूर

किलियन एमबाप्पे ने इराक के खिलाफ दो गोल कर वर्ल्ड कप में 16 गोल पूरे किए। फ्रांस ने 3-0 से जीत दर्ज कर नॉकआउट में जगह बनाई, एमबाप्पे मेसी से सिर्फ दो गोल पीछे।

फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे ने इराक के खिलाफ दो गोल कर वर्ल्ड कप में अपने कुल गोल 16 कर लिए। फ्रांस ने 3-0 से जीत दर्ज कर नॉकआउट में जगह बनाई, जबकि एमबाप्पे मेसी के 18 गोल के रिकॉर्ड से सिर्फ दो गोल पीछे हैं।

FIFA WORLD CUP 2026: फ्रांस के कप्तान और स्टार फॉरवर्ड किलियन एमबाप्पे ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इराक के खिलाफ ग्रुप-आई मुकाबले में दो गोल दागकर एमबाप्पे वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा बार एक मैच में दो या उससे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह छठी बार है जब फ्रांसीसी सुपरस्टार ने विश्व कप के किसी मुकाबले में कम से कम दो गोल किए हैं।

फिलाडेल्फिया में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस ने इराक को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की और नॉकआउट चरण यानी लास्ट-32 में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच में एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि तीसरा गोल उस्मान डेम्बेले के नाम रहा।

इस प्रदर्शन के साथ एमबाप्पे के वर्ल्ड कप गोलों की कुल संख्या 16 हो गई है। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोजा के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और अब वह विश्व कप इतिहास के संयुक्त रूप से दूसरे सबसे सफल गोल स्कोरर बन गए हैं। उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं, जिनके नाम 18 गोल दर्ज हैं।

मेसी के रिकॉर्ड पर एमबाप्पे की नजर

विश्व फुटबॉल में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद अगला महान खिलाड़ी कौन होगा। किलियन एमबाप्पे लगातार अपने प्रदर्शन से इस बहस को नई दिशा दे रहे हैं।

16 वर्ल्ड कप गोल के साथ वह अब मेसी के 18 गोल के रिकॉर्ड से केवल दो गोल पीछे हैं। खास बात यह है कि एमबाप्पे अभी अपने करियर के शुरुआती स्वर्णिम दौर में हैं और उनके पास इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पर्याप्त समय मौजूद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फ्रांस टूर्नामेंट में लंबा सफर तय करता है तो एमबाप्पे इस विश्व कप में ही मेसी के रिकॉर्ड की बराबरी या उसे पीछे छोड़ सकते हैं।

100वें अंतरराष्ट्रीय मैच में यादगार प्रदर्शन

इराक के खिलाफ मुकाबला एमबाप्पे के लिए इसलिए भी खास था क्योंकि यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां मैच था। इस ऐतिहासिक अवसर को उन्होंने दो गोल के साथ और भी यादगार बना दिया। फ्रांस के कप्तान ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और इराकी रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी गति, तकनीक और गोल के सामने सटीकता एक बार फिर फ्रांस की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।

मौसम की बाधा के बावजूद फ्रांस का दबदबा

फिलाडेल्फिया में खराब मौसम के कारण मुकाबले की शुरुआत करीब दो घंटे देरी से हुई। आंधी, तूफान और बारिश के चलते खिलाड़ियों और दर्शकों को इंतजार करना पड़ा।

हालांकि मैच शुरू होने के बाद फ्रांस ने शुरुआत से ही अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और इराक को किसी भी समय मुकाबले में वापसी का मौका नहीं दिया। फ्रांसीसी खिलाड़ियों ने तेज पासिंग, शानदार मूवमेंट और आक्रामक रणनीति के जरिए मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।

14वें मिनट में एमबाप्पे ने खोला गोल का खाता

फ्रांस को पहली सफलता मैच के 14वें मिनट में मिली। युवा मिडफील्डर माइकल ओलिस ने शानदार विजन दिखाते हुए गेंद एमबाप्पे तक पहुंचाई। करीब 20 गज की दूरी से एमबाप्पे ने अपने बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे इराकी गोलकीपर रोक नहीं सके। गेंद सीधे नेट में जाकर समा गई और फ्रांस ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस गोल ने फ्रांस को और अधिक आत्मविश्वास दिया तथा इराकी टीम पर दबाव बढ़ा दिया।

इराकी डिफेंस की गलती का उठाया फायदा

एमबाप्पे का दूसरा गोल इराक की रक्षात्मक चूक का परिणाम था। इराकी डिफेंडर जैद तहसीन और गोलकीपर अहमद बासिल गोल किक को सही तरीके से क्लियर नहीं कर सके।

किलियन एमबाप्पे ने रचा नया इतिहास: वर्ल्ड कप में 16 गोल के साथ क्लोजा की बराबरी, मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ 2 गोल दूर

गेंद फ्रांस के उस्मान डेम्बेले के पास पहुंची। डेम्बेले ने व्यक्तिगत प्रयास करने के बजाय टीम भावना दिखाते हुए गेंद एमबाप्पे को पास कर दी। एमबाप्पे ने बिना किसी गलती के आसान फिनिश किया और फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के साथ उन्होंने न केवल मैच पर फ्रांस की पकड़ मजबूत की, बल्कि अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड में भी नया अध्याय जोड़ दिया।

गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी को चुनौती

वर्ल्ड कप 2026 में अब तक एमबाप्पे चार गोल कर चुके हैं। वह गोल्डन बूट की दौड़ में दूसरे स्थान पर हैं। फिलहाल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी पांच गोल के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बीच गोल्डन बूट की प्रतिस्पर्धा टूर्नामेंट के सबसे दिलचस्प पहलुओं में से एक बन चुकी है। यदि एमबाप्पे अपनी मौजूदा फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो वह जल्द ही मेसी को पीछे छोड़ सकते हैं।

डेम्बेले ने भी दर्ज कराया अपना नाम

मैच में दो गोल करने के अलावा एमबाप्पे ने टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया। दूसरे गोल में असिस्ट देने वाले उस्मान डेम्बेले ने बाद में खुद भी गोल दागा। एक बार फिर माइकल ओलिस ने शानदार पास दिया और डेम्बेले ने उसे गोल में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया। यह डेम्बेले के करियर का पहला वर्ल्ड कप गोल था। उनके इस गोल ने फ्रांस की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित कर दिया।

नॉकआउट में पहुंचा फ्रांस, अब नॉर्वे से मुकाबला

इराक पर जीत के साथ फ्रांस ने लास्ट-32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम ने लगातार दो जीत हासिल कर यह साबित कर दिया है कि वह इस बार भी खिताब की प्रमुख दावेदारों में शामिल है।

ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में फ्रांस का सामना नॉर्वे से होगा। हालांकि फ्रांसीसी टीम पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी है, इसलिए उस मैच का परिणाम उसकी क्वालिफिकेशन पर असर नहीं डालेगा। फिर भी कोच और खिलाड़ी उस मुकाबले को नॉकआउट चरण की तैयारी के रूप में देखेंगे।

विश्व फुटबॉल का नया रिकॉर्ड मशीन

किलियन एमबाप्पे लगातार ऐसे रिकॉर्ड बना रहे हैं जो उन्हें आधुनिक फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल करते हैं। बेहद कम उम्र में विश्व कप जीतने से लेकर गोल रिकॉर्ड्स तक, उन्होंने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है।

अब जब वह वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बनने से सिर्फ दो गोल दूर हैं, दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें उन पर टिकी हुई हैं। यदि उनकी मौजूदा फॉर्म जारी रहती है, तो फीफा वर्ल्ड कप 2026 न केवल फ्रांस के लिए बल्कि किलियन एमबाप्पे के करियर के लिए भी एक ऐतिहासिक टूर्नामेंट साबित हो सकता है।

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