महाराष्ट्र राजनीति: भाजपा ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, कहा- ‘हिंदुत्व से दूरी’ बनी शिवसेना यूबीटी में संकट की वजह

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुत्व से दूरी बनाना ही शिवसेना (UBT) के मौजूदा संकट की

शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के संभावित दलबदल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता R. P. Singh ने कहा कि Uddhav Thackeray के नेतृत्व में शिवसेना हिंदुत्व की विचारधारा से भटक गई, जिसके कारण पार्टी में विभाजन हुआ।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के संभावित दलबदल की चर्चाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर अपने नेताओं को तोड़ने का आरोप लगा रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पार्टी की आंतरिक स्थिति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि शिवसेना (यूबीटी) की मौजूदा चुनौतियों की जड़ उसकी राजनीतिक दिशा में बदलाव है, जिसने पार्टी के भीतर असंतोष को जन्म दिया है। इस बीच महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं, जिसके तहत शिवसेना यूबीटी के कई नेताओं के दूसरे खेमे में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

भाजपा का दावा: विचारधारा से समझौता पड़ा भारी

भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिवसेना की मूल पहचान हिंदुत्व की राजनीति से जुड़ी रही है, लेकिन समय के साथ पार्टी नेतृत्व ने अपनी पारंपरिक विचारधारा से दूरी बना ली। उन्होंने कहा कि इसी कारण पार्टी के भीतर मतभेद बढ़े और कई नेता खुद को अलग-थलग महसूस करने लगे। भाजपा का दावा है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट शिवसेना की मूल विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है और यही वजह है कि कई जनप्रतिनिधि उस खेमे की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद से दोनों गुट लगातार पार्टी की वास्तविक विरासत और जनाधार पर दावा करते रहे हैं। ऐसे में सांसदों और विधायकों की निष्ठा को लेकर जारी बहस राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।

सांसदों के संभावित दलबदल ने बढ़ाई चिंता

महाराष्ट्र राजनीति: भाजपा ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना, कहा- ‘हिंदुत्व से दूरी’ बनी शिवसेना यूबीटी में संकट की वजह

हाल के दिनों में यह चर्चा तेज हुई है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और वे राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से इन खबरों को महत्व नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे गंभीर घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि बड़े स्तर पर दलबदल होता है, तो इसका असर महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में राजनीतिक पुनर्संरचना का दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

राष्ट्रीय मुद्दों पर भी भाजपा ने रखी अपनी राय

महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भाजपा नेताओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। राम मंदिर चंदा संग्रह से जुड़े विवादों पर भाजपा ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा भारत-पाकिस्तान संबंधों और जल संसाधनों को लेकर दिए गए बयानों पर भी भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की नीति स्पष्ट और सख्त है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति को लेकर दिए गए सकारात्मक बयान पर भी भाजपा ने प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि कोई नेता क्षेत्र में हुए विकास को स्वीकार करता है, तो इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। भाजपा का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विकास और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।

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