बिहार पंचायत और एमएलसी चुनावों पर बीजेपी की नजर, 92 हजार बूथों पर चलाएगी डिजिटल प्रशिक्षण अभियान

बिहार में पंचायत और MLC चुनावों की तैयारियों के बीच बीजेपी ने बड़ा संगठनात्मक अभियान शुरू किया है। पार्टी 92 हजार बूथों पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश की सबसे सक्रिय और लगातार चुनावी तैयारी में जुटी रहने वाली पार्टी माना जाता है। हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां थमी नहीं हैं। 

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2026 के समापन के कुछ ही महीनों बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में अपने अगले राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर दी है। पार्टी अब आगामी पंचायत चुनावों और विधान परिषद (एमएलसी) की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर होने वाले चुनावों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अपनी संगठनात्मक मजबूती को बूथ स्तर तक विस्तारित कर ग्रामीण और शैक्षणिक वोट बैंक में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी दिशा में पार्टी ने राज्यव्यापी डिजिटल प्रशिक्षण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

92 हजार बूथों पर डिजिटल प्रशिक्षण अभियान

भाजपा ने बिहार के लगभग 92,000 बूथों पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई है। यह अभियान 23 जून से 6 जुलाई तक चलेगा और इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। पार्टी के अनुसार, बिहार के 52 जिलों और 1,420 मंडलों में बूथ स्तर के पदाधिकारियों, मोर्चा कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े सदस्यों को आधुनिक चुनावी प्रबंधन, डिजिटल संचार और जनसंपर्क तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।इस अभियान का उद्देश्य आगामी चुनावों में संगठनात्मक दक्षता बढ़ाना और जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता को मजबूत करना है।

एमएलसी चुनावों पर भाजपा की विशेष नजर

बिहार में इस वर्ष के अंत तक शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ विधान परिषद सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

  • स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की रिक्त होने वाली सीटें
  • पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
  • शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की रिक्त होने वाली सीटें
  • पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
  • सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

इन सीटों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तिथि 6 नवंबर निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 30 दिसंबर को प्रकाशित होने की संभावना है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) इन सभी सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने और अधिकतम सीटें जीतने की रणनीति तैयार कर रहा है।

बिहार पंचायत और एमएलसी चुनावों पर बीजेपी की नजर, 92 हजार बूथों पर चलाएगी डिजिटल प्रशिक्षण अभियान

पंचायत चुनाव भी भाजपा की रणनीति का अहम हिस्सा

विधान परिषद चुनावों के अलावा भाजपा की नजर बिहार के पंचायत चुनावों पर भी है। राज्य में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रमुख पदों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। संभावना जताई जा रही है कि पंचायत चुनावों की प्रक्रिया अगस्त 2026 से शुरू हो सकती है और चुनाव कई चरणों में आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने के लिए भाजपा ने पहले से ही संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव केवल स्थानीय प्रशासनिक प्रतिनिधियों के चयन तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे भविष्य के विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संगठनात्मक बैठक में तय हुई रणनीति

हाल ही में भाजपा की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित लगभग 700 वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में आगामी चुनावी कार्यक्रमों, बूथ प्रबंधन, डिजिटल प्रशिक्षण और संगठन विस्तार की रणनीतियों पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने सभी जिला और मंडल इकाइयों को निर्देश दिया कि आगामी अभियानों को अधिकतम जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाए।

संजय सरावगी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की आधारशिला है और भाजपा हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है।

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