कतर के LNG प्लांट पर ईरानी हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका साउथ पार्स गैस क्षेत्र को निशाना बना सकता है। इससे मिडिल ईस्ट तनाव और बढ़ गया है।
Trump News: ईरान द्वारा कतर के लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कतर के गैस ठिकानों पर फिर से हमला होता है, तो अमेरिका साउथ पार्स गैस क्षेत्र को बड़े स्तर पर निशाना बना सकता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह संघर्ष अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है।
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह इस तरह के बड़े स्तर के विनाश को ऑथराइज्ड नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कतर की LNG सुविधाओं को फिर से निशाना बनाया गया, तो वह सख्त कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इस स्तर की हिंसा ईरान के भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है, लेकिन अगर स्थिति दोबारा बिगड़ती है, तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है।
कतर में LNG इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान
कतर ने जानकारी दी है कि ईरानी मिसाइल हमलों से देश के LNG इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। कतर की सरकारी तेल और गैस कंपनी कतर एनर्जी ने बताया कि हमलों के कारण गैस सुविधाओं में आग लग गई और नुकसान हुआ है। दमकलकर्मी आग बुझाने में लगे हुए हैं और राहत कार्य जारी है।

कतर एनर्जी के अनुसार, अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
हमलों के पीछे की पृष्ठभूमि
कतर पर ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर इजरायल ने हमला किया था। यह गैस क्षेत्र ईरान और कतर दोनों के लिए महत्वपूर्ण है और दोनों देश इसे साझा करते हैं।
ईरान ने इस हमले की निंदा की थी और इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी थी कि इस तरह की स्थिति अनियंत्रित परिणाम ला सकती है और इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है।
अमेरिका की भूमिका पर ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हुए हालिया हमले में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कतर भी इस हमले में शामिल नहीं था।
ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हुई घटनाओं के बाद इजरायल ने ईरान के इस गैस क्षेत्र के एक प्रमुख संयंत्र को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि इस हमले में पूरे संयंत्र को नहीं बल्कि उसके एक छोटे हिस्से को नुकसान पहुंचा था।









