भाई की कोचिंग बंद कराकर ललन ने बनाया था गैंग पटना पढ़ने गए 3 भाई अपराध की राह पर चले, एनकाउंटर के बाद अकेले रह गए दिव्यांग माता-पिता

पटना पढ़ाई करने गए तीन भाई कथित तौर पर अपराध की दुनिया में चले गए। एनकाउंटर में दो भाइयों की मौत के बाद दिव्यांग माता-पिता अकेले पड़ गए।
भाई की कोचिंग बंद कराकर ललन ने बनाया था गैंग पटना पढ़ने गए 3 भाई अपराध की राह पर चले, एनकाउंटर के बाद अकेले रह गए दिव्यांग माता-पिता
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पटना/समस्तीपुर। समस्तीपुर के चर्चित अपराधी ललन की कहानी अब उसके परिवार की त्रासदी के रूप में भी सामने आ रही है। परिवार के लोगों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पढ़ाई के लिए पटना गए तीनों भाई धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में चले गए। हाल के पुलिस एनकाउंटर में ललन की मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बताया जाता है कि परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में तीनों बेटों को पटना पढ़ने भेजा था। शुरुआती दिनों में वे पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन बाद में बड़े भाई ललन ने कथित तौर पर छोटे भाई की कोचिंग छुड़वा दी और उसे अपने साथ रखने लगा। इसके बाद धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी गलत संगत में पड़ते चले गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि माता-पिता ने कई बार बेटों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें अपराध के रास्ते से वापस नहीं ला सके। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं थी और अब बेटों के न रहने से दिव्यांग माता-पिता पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं।

पड़ोसियों के मुताबिक, कभी जिस घर में तीन बेटों की आवाज गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग परिवार की मदद के लिए आगे आ रहे हैं, लेकिन माता-पिता के चेहरे पर अपने बच्चों को खोने का दर्द साफ दिखाई देता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ललन और उसके साथियों पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोप थे और उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में केस दर्ज थे। हालिया एनकाउंटर के बाद पुलिस अब उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना युवाओं के लिए एक सीख है कि गलत संगत और आसान पैसे की चाह अंततः परिवार और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उनका मानना है कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन ही युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकता है।

फिलहाल गांव में इस परिवार को लेकर सहानुभूति का माहौल है। लोग कहते हैं कि माता-पिता ने अपने बेटों को पढ़ाने का सपना देखा था, लेकिन हालात ऐसे बने कि अब वे अपने बुढ़ापे में अकेले रह गए हैं। पुलिस मामले की बाकी कड़ियों की जांच में जुटी हुई है।

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