लोकसभा में विपक्षी हंगामे के कारण कार्यवाही सोमवार को स्थगित कर दी गई। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और बजट चर्चा पर बहस की मांग के बीच राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद सक्रिय रहे।
New Delhi: लोकसभा में सोमवार को विपक्षी हंगामे के चलते कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह हंगामा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और बजट चर्चा को लेकर हुआ। विपक्षी सांसदों ने बजट चर्चा शुरू होने से पहले अपने मुद्दे उठाने की अनुमति की मांग की, लेकिन इसका विरोध करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे “100 प्रतिशत झूठ” करार दिया।
सत्र की शुरूआत और स्थगन
सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे पुनः शुरू किया गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने संसद को 10 फरवरी तक स्थगित करने का निर्णय लिया। विपक्ष ने आग्रह किया कि बजट चर्चा शुरू होने से पहले उन्हें कुछ अहम मुद्दे उठाने की अनुमति दी जाए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया गया था कि बजट चर्चा से पहले वे अपने मुद्दे रख पाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें विपक्षी सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष के बीच हुई बातचीत के दौरान यह आश्वासन मिला था, लेकिन अब अध्यक्ष अपने वादे से मुकर रहे हैं। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री संध्या राय से कहा कि उन्हें यह स्पष्ट किया जाए कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने की अनुमति मिलेगी या नहीं।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का जवाब
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल के बीच हुई बैठक में कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। रिजिजू ने सदन में बताया कि बैठक में उपस्थित सभी लोग जानते थे कि अध्यक्ष ने कहा था कि यदि सभी सहमत हैं तो कार्यवाही शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि वेणुगोपाल ने भी बताया कि वे विपक्ष के नेता को बोलने देना चाहते थे और पूछा कि वे कौन सा मुद्दा उठाना चाहते हैं।

रिजिजू ने यह भी कहा कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप पूर्णतः झूठ हैं और अध्यक्ष ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया।
सभापति संध्या राय का बयान
लोकसभा की अध्यक्ष संध्या राय ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा कोई सूचना नहीं मिली कि वे किसी विशेष मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उचित प्रक्रिया के बिना मामले पर चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बजट पर चर्चा करनी है तो उसके लिए सांसदों को बोलने का अवसर मिलेगा।
कांग्रेस नेताओं का विरोध
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने देना एक “परंपरा” है। उन्होंने जोर दिया कि संसद में यह प्रथा है कि सभी नेताओं को उनके मुद्दे रखने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने थरूर की बात को बीच में रोक दिया।
इसके बाद कई विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और रिजिजू की टिप्पणियों का विरोध किया। इस घटनाक्रम के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
महिला सांसदों का पत्र
लोकसभा की महिला कांग्रेस सांसदों ने अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा और आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने उन्हें झूठे, निराधार और मानहानिकारक दावे करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में उन्हें उनके खिलाफ आरोप लगाए गए, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
गुरुवार को अध्यक्ष बिरला ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया गया था कि वे सदन में उपस्थित न हों। इसका कारण था कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट पर आकर “अभूतपूर्व घटना” को अंजाम दे सकते हैं। इस कदम को सदन में किसी अप्रिय घटना से बचाने के रूप में देखा गया।
विपक्ष का मुख्य मुद्दा – भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
विपक्ष ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग की थी। उनका कहना था कि बजट चर्चा शुरू होने से पहले इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष के अनुसार, यह समझौता देश के आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ है और संसद में खुलकर चर्चा की जरूरत है।











