लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण स्थगित कर दिया गया। आठ सांसदों के निलंबन और लगातार नारेबाजी से सदन की कार्यवाही बाधित हुई। सरकार और विपक्ष के बीच संवाद चल रहा है।
नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण स्थगित कर दिया गया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चल रही चर्चा के दौरान विपक्ष ने लगातार व्यवधान डाला, जिससे सदन की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। इस कारण लोकसभा की कार्रवाई अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण शाम 5 बजे होना था, लेकिन हंगामे के चलते इसे टाल दिया गया।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विपक्ष पिछले दो दिनों से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बाधा डाल रहा था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री का उत्तर देने का कार्यक्रम अपरिवर्तित रखा गया है। हालांकि, विपक्ष की व्यवधानकारी रणनीति के कारण अब सदन में चर्चा एक दिन के लिए स्थगित हो गई है।
आठ सांसदों के निलंबन ने बढ़ाया तनाव
लोकसभा में गतिरोध की स्थिति तब और बढ़ गई जब मंगलवार को आठ विपक्षी सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया गया। इन आठ सांसदों में सात कांग्रेस और एक सीपीआई (एम) के सदस्य शामिल थे। सांसदों को निलंबित करने का कारण यह था कि वे लगातार सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे थे।
विशेष रूप से, विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने से रोका गया। उन्होंने 2020 में भारत-चीन संघर्ष पर पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने वाले लेख को उद्धृत करना चाहा था। यह पहली बार था जब किसी विपक्षी नेता को धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस फैसले का विरोध किया और इसे लोकतंत्र पर धब्बा बताया।

सरकार और विपक्ष के बीच वार्ता
विपक्ष के हंगामे और निलंबन के बाद सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्रियों ने सदन अध्यक्ष ओम बिरला से लंबी बैठक की। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, प्रल्हाद जोशी, धर्मेंद्र प्रधान और ऊर्जा मंत्री अर्जुन मेघवाल शामिल थे। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय समय पर अपना भाषण दे सकें।
सरकार ने अध्यक्ष से अन्य विपक्षी दलों से भी बातचीत करने का अनुरोध किया। सूत्रों के अनुसार, कुछ विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा सदन को बंधक बनाने से नाराज हैं। इस बातचीत के जरिए सदन में कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और हंगामे को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष का विरोध
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चल रही चर्चा में विपक्ष ने केंद्र की नीतियों और फैसलों पर तीखा विरोध जताया। उनका कहना था कि सरकार की योजनाओं और निर्णयों पर पर्याप्त बहस नहीं हो पा रही है। इस दौरान सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की और कार्यवाही को बाधित किया।
विपक्ष की यह रणनीति सदन में बहस को प्रभावी बनाने के बजाय केंद्र की कार्यवाही को रोकने पर केंद्रित थी। इससे संसद के अंदर राजनीतिक तनाव और बढ़ गया और प्रधानमंत्री के भाषण को स्थगित करना पड़ा।
स्पीकर का संज्ञान
स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे की गंभीरता को देखते हुए मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने विपक्षी सांसदों से लिखित शिकायत देने का अनुरोध किया ताकि नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सके। संसदीय सूत्रों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद स्पीकर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं, जिसमें चेतावनी, निलंबन या अन्य कदम शामिल हो सकते हैं।








