फिटनेस कंटेंट क्रिएटर लोकेश ने पारंपरिक लंबे वर्कआउट की बजाय इंक्लाइन वॉकिंग और बेहतर व्यायाम रणनीति अपनाकर तीन महीने में 24 किलो वजन कम करने का दावा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि वजन घटाने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Weight Lose: वजन कम करना दुनिया भर में करोड़ों लोगों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक माना जाता है। कई लोग महीनों तक जिम में घंटों पसीना बहाते हैं, डाइटिंग करते हैं और अलग-अलग फिटनेस प्लान अपनाते हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। ऐसे में एक फिटनेस कंटेंट क्रिएटर लोकेश की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। उनका दावा है कि उन्होंने पारंपरिक लंबी रनिंग या कठिन कार्डियो वर्कआउट की बजाय अपनी एक्सरसाइज रणनीति बदलकर केवल तीन महीनों में 24 किलो वजन कम किया।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और किसी भी फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
लंबे समय तक रनिंग के बाद भी नहीं मिला परिणाम
लोकेश के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में वजन कम करने के लिए जिम जॉइन किया और प्रतिदिन लगभग 45 मिनट ट्रेडमिल पर रनिंग या वॉकिंग की। इसके साथ उन्होंने अपने खान-पान पर भी नियंत्रण रखा। लगातार तीन महीने तक नियमित व्यायाम करने के बावजूद उनके वजन में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने महसूस किया कि केवल अधिक समय तक व्यायाम करना पर्याप्त नहीं है। शरीर एक ही तरह के वर्कआउट का आदी हो सकता है, जिससे समय के साथ उसकी प्रभावशीलता कम होने लगती है। यही कारण था कि उन्होंने अपनी पूरी रणनीति बदलने का फैसला किया।
इंक्लाइन वॉकिंग बनी बदलाव की वजह
लोकेश ने लंबे समय तक सामान्य ट्रेडमिल वॉक की जगह इंक्लाइन वॉकिंग शुरू की। इसमें ट्रेडमिल की ढलान (Incline) समय-समय पर बदली जाती है, जिससे शरीर की अधिक मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और कैलोरी खर्च बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि यह वर्कआउट लगभग 20 मिनट का था और इसमें दौड़ना शामिल नहीं था। उनके अनुसार, कम समय में अधिक प्रभावी एक्सरसाइज करने से उन्हें बेहतर परिणाम मिलने लगे।
लोकेश का इंक्लाइन वॉकिंग रूटीन
लोकेश द्वारा साझा किए गए रूटीन के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले तीन मिनट का वार्म-अप किया। इसके बाद पांच मिनट तक मध्यम गति के साथ इंक्लाइन बढ़ाकर वॉक की। फिर अधिक ढलान पर पांच मिनट तक पैदल चले, इसके बाद पावर वॉक की और अंत में दो मिनट का कूल-डाउन किया। उनका कहना है कि इस बदलाव के लगभग दो सप्ताह बाद ही शरीर में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे। अगले कुछ महीनों में उनका वजन तेजी से कम हुआ और कुल मिलाकर लगभग 24 किलो की कमी दर्ज हुई।

केवल वर्कआउट नहीं, रणनीति भी बदली
लोकेश का मानना है कि वजन कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सही रणनीति निभाती है। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल अधिक मेहनत कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने समझा कि शरीर को लगातार नई चुनौती देना जरूरी होता है। उन्होंने सप्ताह में तीन से पांच दिन इस रूटीन को अपनाने की सलाह दी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए किसी भी नए व्यायाम कार्यक्रम को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।
क्या केवल इंक्लाइन वॉकिंग से वजन कम हो सकता है?
फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार, इंक्लाइन वॉकिंग सामान्य वॉक की तुलना में अधिक कैलोरी खर्च करा सकती है क्योंकि इसमें पैरों, ग्लूट्स और कोर मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है। इससे हृदय की कार्यक्षमता भी बेहतर हो सकती है। लेकिन विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल एक प्रकार की एक्सरसाइज से हर व्यक्ति में समान परिणाम नहीं मिलते। वजन कम करने की प्रक्रिया कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें उम्र, मेटाबॉलिज्म, हार्मोनल स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता, नींद और तनाव का स्तर शामिल हैं।
वजन कम करने के लिए संतुलित आहार भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम के साथ-साथ संतुलित और नियंत्रित आहार भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि शरीर में कैलोरी की मात्रा लगातार आवश्यकता से अधिक रहती है, तो केवल व्यायाम से वजन कम करना कठिन हो सकता है। विशेषज्ञ ताजा फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और घर का बना भोजन खाने की सलाह देते हैं। वहीं अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
तनाव और नींद का भी पड़ता है असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी वजन घटाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार तनाव रहने पर शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ सकते हैं जो वजन कम करने की गति को प्रभावित करते हैं। योग, ध्यान, नियमित नींद और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने के बावजूद वजन कम नहीं कर पा रहा है, तो उसे चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। कई बार थायरॉयड, हार्मोनल असंतुलन, मधुमेह, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी वजन बढ़ने या कम न होने का कारण बन सकती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह और व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तैयार किया गया फिटनेस प्लान अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।













