लखनऊ मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार, 12 रूटों से नेटवर्क 170 किमी तक बढ़ेगा

लखनऊ मेट्रो विस्तार के लिए 12 नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। योजना लागू होने पर नेटवर्क 93 किमी से बढ़कर 170 किमी तक पहुंचेगा और नए क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी।

लखनऊ मेट्रो के विस्तार के लिए यूपीएमआरसी ने 12 नए कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है। नई योजना के तहत मेट्रो नेटवर्क 93 किलोमीटर से बढ़कर 170 किलोमीटर तक पहुंच सकता है, जिससे शहर के कई नए क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी।

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने अगले 15 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 12 नए रूटों का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव लागू होने पर शहर का मेट्रो नेटवर्क लगभग दोगुना हो जाएगा और कई नए इलाकों को तेज व सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलेगा।

93 किलोमीटर से बढ़कर 170 किलोमीटर होगा नेटवर्क

लखनऊ मेट्रो के विस्तार को लेकर तैयार किए गए नए सर्वे में कुल 12 नए कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। पहले जहां मेट्रो विस्तार का दायरा लगभग 93.76 किलोमीटर रखा गया था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 170.37 किलोमीटर करने की योजना बनाई गई है।

लखनऊ मेट्रो विस्तार का नया प्लान तैयार, 12 रूटों से नेटवर्क 170 किमी तक बढ़ेगा

प्रस्तावित नेटवर्क में करीब 149.87 किलोमीटर एलिवेटेड और 20.5 किलोमीटर भूमिगत कॉरिडोर शामिल हैं। यूपीएमआरसी का मानना है कि शहर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के लिए यह विस्तार जरूरी है।

नए रूटों से शहर के कई हिस्सों को मिलेगा लाभ

नई योजना में राजाजीपुरम, आईआईएम, एयरपोर्ट, कल्ली पश्चिम, अनौरा कला, बाराबंकी, जानकीपुरम, सीजी सिटी और मोहनलालगंज जैसे क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।

सबसे लंबा प्रस्तावित कॉरिडोर वसंतकुंज से कल्ली पश्चिम तक लगभग 34.8 किलोमीटर का होगा। इसके अलावा अनौरा कला से कल्ली पश्चिम और राजाजीपुरम से आईआईएम जैसे महत्वपूर्ण मार्ग भी योजना का हिस्सा हैं। इन रूटों के शुरू होने से शहर के बाहरी इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच मजबूत होगी।

पुराने प्रस्ताव में किया गया बदलाव

नई सर्वे रिपोर्ट में पहले प्रस्तावित कुछ रूटों में संशोधन भी किया गया है। चारबाग से कैंट होते हुए एसजीपीजीआई तक प्रस्तावित रूट को नए प्लान से हटा दिया गया है। इसके स्थान पर अन्य कॉरिडोरों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि शहर की वर्तमान और भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि नए रूटों की लंबाई और संरचना इस तरह तय की गई है, जिससे परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना आसान हो और निर्माण कार्य में कम समय लगे।

बढ़ रही है मेट्रो यात्रियों की संख्या

मेट्रो सेवा के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ मेट्रो में प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 80 हजार से बढ़कर लगभग 87 हजार तक पहुंच गई है।

यात्री संख्या में बढ़ोतरी और सार्वजनिक परिवहन की मांग को देखते हुए सरकार और यूपीएमआरसी नेटवर्क विस्तार को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके साथ ही मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच आसान बनाने के लिए फीडर सेवाओं को भी मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।

शासन की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

यूपीएमआरसी ने विस्तृत सर्वे रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। प्रस्तावित विस्तार परियोजना पर लगभग 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं पर काम शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह विस्तार योजना लखनऊ को भविष्य की परिवहन जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और शहर में यातायात दबाव कम करने में भी मदद करेगी।

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