हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जिया चौक पर फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। परियोजना के पूरा होने पर मनाली हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, जबकि फोरलेन की सुरक्षा के लिए ब्यास नदी किनारे सुरक्षा दीवार भी बनाई जा रही है।
मंडी: मनाली हाईवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी शुरू हो गई है। कुल्लू के जिया चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना को लेकर एनएचएआई ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण का काम भी शुरू हो गया है, जिससे फोरलेन मार्ग को भूस्खलन और बाढ़ के खतरे से सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
जिया चौक पर फ्लाईओवर से कम होगा ट्रैफिक दबाव
कुल्लू जिले के जिया चौक पर लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यहां फ्लाईओवर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना निदेशक के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण कर तकनीकी सर्वे शुरू किया है।
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फ्लाईओवर बनने के बाद भुंतर-मणिकर्ण मार्ग को मुख्य हाईवे से बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। इससे मनाली की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और जाम की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
मनाली, कुल्लू और मणिकर्ण घाटी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल हैं। पर्यटन सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है, जिससे जिया चौक के आसपास अक्सर लंबा जाम लग जाता है।
फ्लाईओवर परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्र में आवागमन अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक बनेगा।
ब्यास नदी किनारे बनेगी सुरक्षा दीवार
एनएचएआई ने फोरलेन सड़क को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना भी शुरू की है। झलोगी से दवाड़ा तक ब्यास नदी के किनारे लगभग 1300 मीटर लंबी और 15 मीटर ऊंची कंक्रीट सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है।
यह दीवार नदी के तेज बहाव, कटाव और मानसून के दौरान बढ़ने वाले जलस्तर से सड़क को सुरक्षित रखने में मदद करेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे फोरलेन मार्ग की स्थिरता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
प्रभावित परिवारों को मिला मुआवजा
फोरलेन निर्माण और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भी कदम उठाए गए हैं। थलौट क्षेत्र के लगभग 50 प्रभावित परिवारों को कुल 12 करोड़ रुपये का मुआवजा जारी किया गया है।
इसके अलावा भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद मनाली हाईवे पर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।








