लखनऊ में सामान्य से ऊपर पहुंचा पारा: सुबह से निकली तेज धूप, आज हो सकती है बारिश; इस सीजन 32% कम बरसात

लखनऊ में अगस्त में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। सुबह तेज धूप निकली, जबकि आज बारिश के आसार हैं। इस मानसून सीजन में अब तक 32% कम बारिश हुई।
लखनऊ में सामान्य से ऊपर पहुंचा पारा: सुबह से निकली तेज धूप, आज हो सकती है बारिश; इस सीजन 32% कम बरसात
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लखनऊ में मानसून के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह से तेज धूप निकलने के कारण राजधानी में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिन में मौसम बदल सकता है और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। राजधानी में बारिश की कमी भी चिंता बढ़ा रही है। इस सीजन अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 32 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

लखनऊ में मानसून के दौरान कभी बादल छा रहे हैं तो कभी अचानक तेज धूप निकल रही है। धूप निकलने के बाद वातावरण में नमी अधिक होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो सकता है।

मौसम के मौजूदा पैटर्न को देखते हुए राजधानी में बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार बादलों की स्थिति और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के आधार पर कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। ऐसे में सुबह धूप निकलने के बावजूद दिन के दूसरे हिस्से में मौसम करवट ले सकता है।

हालिया मौसम पूर्वानुमानों में लखनऊ के तापमान में गर्मी और उमस बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम तेजी से बदलने के कारण एक ही दिन में धूप, बादल और बारिश जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।

राजधानी में बारिश की कमी का असर खेती और शहरी जल प्रबंधन पर भी पड़ सकता है। मानसून के दौरान होने वाली बारिश भूजल स्तर को बनाए रखने और खेतों में नमी पहुंचाने के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय तक बारिश सामान्य से कम रहने पर किसानों को सिंचाई पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है।

लखनऊ समेत अवध क्षेत्र में मानसून की गतिविधियां कई बार कमजोर पड़ती रही हैं। इससे बारिश का वितरण भी असमान रहता है। कहीं तेज बारिश होती है तो कुछ इलाकों में लंबे समय तक केवल उमस और धूप का दौर बना रहता है। यही वजह है कि कुल बारिश के आंकड़े में कमी के बावजूद कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग के पिछले पूर्वानुमानों में भी प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के कमजोर पड़ने और कुछ दिनों तक गर्मी-उमस बढ़ने की बात कही गई थी। लखनऊ में बारिश की गतिविधियां कम होने पर दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

सुबह तेज धूप निकलने से सड़क पर निकलने वाले लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। उमस के कारण सामान्य तापमान में भी गर्मी ज्यादा महसूस होती है। खासकर दोपहर के समय खुले में काम करने वाले लोगों के लिए मौसम परेशानी बढ़ा सकता है।

बारिश होने की स्थिति में तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि अगर बारिश हल्की और कुछ समय के लिए ही होती है तो बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस फिर परेशान कर सकती है। इसलिए राजधानी के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह स्थिर नहीं रहने वाली हैं। कुछ समय के लिए मानसून कमजोर पड़ सकता है और उसके बाद दोबारा सक्रिय हो सकता है। इससे राजधानी में बारिश का दौर अलग-अलग अंतराल पर देखने को मिल सकता है।

लखनऊ में इस मानसून सीजन की कम बारिश का एक कारण बारिश का असमान वितरण भी माना जा रहा है। मानसून के दौरान कई बार बादल राजधानी के आसपास बने रहते हैं, लेकिन शहर में अपेक्षित मात्रा में बारिश नहीं होती। इससे बारिश के कुल आंकड़े में कमी बनी रहती है।

शहर के लिए कम बारिश का एक दूसरा असर यह है कि तेज गर्मी और उमस के बीच लोगों को राहत के लिए बारिश का इंतजार करना पड़ता है। बारिश नहीं होने पर सड़कों और खुले क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ जाता है। वहीं बारिश के बाद तापमान में अस्थायी गिरावट से लोगों को राहत मिलती है।

बारिश की कमी का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहता। खेती, जलाशयों, भूजल और शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि मानसून के अभी सक्रिय रहने की संभावना के कारण आने वाले दिनों में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद बनी रहती है।

राजधानी में मौसम को लेकर लोगों को सलाह दी गई है कि धूप और उमस के बीच पर्याप्त पानी पीते रहें और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से तेज धूप में निकलने से बचें। अगर बारिश के दौरान तेज हवा या गरज-चमक की स्थिति बनती है तो खुले स्थानों पर रुकने से बचना बेहतर होगा।

बारिश की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक बारिश होने पर सड़क पर फिसलन बढ़ सकती है और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वाहन की रफ्तार नियंत्रित रखना जरूरी है।

फिलहाल राजधानी के मौसम में सबसे बड़ा बदलाव यही है कि मानसून के बावजूद तेज धूप और सामान्य से अधिक तापमान लोगों को परेशान कर रहा है। दूसरी तरफ बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां कितनी मजबूत होती हैं, इस पर लखनऊ की बारिश की कमी काफी हद तक निर्भर करेगी। अगर अच्छी बारिश का दौर लौटता है तो मौजूदा कमी कम हो सकती है। वहीं बारिश फिर कमजोर पड़ती है तो राजधानी में उमस और गर्मी का दौर जारी रह सकता है।

कुल मिलाकर, लखनऊ में मानसून के बीच सुबह से तेज धूप निकलने के कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। आज कुछ इलाकों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। इस सीजन अब तक सामान्य से करीब 32% कम बारिश होने के कारण राजधानी में मानसून की कमी साफ नजर आ रही है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ती हैं तो तापमान और बारिश के आंकड़ों में राहत मिल सकती है।

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