उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य महिला आयोग की 25 सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ा दिया है। नए आदेश के बाद मौजूदा सदस्य 1 अक्टूबर 2027 तक महिलाओं से जुड़े मामलों और शिकायतों पर काम करती रहेंगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की 25 सदस्यों का कार्यकाल सरकार ने एक साल के लिए बढ़ा दिया है। महिला कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी की ओर से जारी आदेश के बाद मौजूदा सदस्यों की जिम्मेदारियां जारी रहेंगी। कार्यकाल विस्तार के साथ आयोग महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, शिकायतों और उनसे जुड़े मामलों पर अपना काम आगे बढ़ाएगा।
25 सदस्यों का कार्यकाल एक साल बढ़ा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य महिला आयोग की 25 सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने से पहले यह फैसला लिया गया है। आदेश जारी होने के बाद आयोग की वर्तमान टीम अगले एक वर्ष तक अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहेगी।

महिला कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी की ओर से कार्यकाल विस्तार का आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत आयोग की सभी 25 सदस्यों की सदस्यता एक साल के लिए आगे बढ़ाई गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, विस्तारित कार्यकाल 1 अक्टूबर 2027 तक रहेगा।
कार्यकाल बढ़ाए जाने से आयोग के स्तर पर महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और शिकायतों पर कार्रवाई का काम मौजूदा व्यवस्था के तहत जारी रहेगा।
महिलाओं से जुड़े मामलों पर जारी रहेगा काम
राज्य महिला आयोग के सामने महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और उनसे जुड़ी शिकायतों के मामले आते हैं। कार्यकाल विस्तार के बाद वर्तमान सदस्य इन मामलों पर पहले की तरह काम करती रहेंगी। आयोग से जुड़े कार्यों में महिलाओं की समस्याओं को सुनना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल करना शामिल है।
इसके अलावा घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा और महिलाओं से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने जैसे विषय भी आयोग के कामकाज से जुड़े हैं। कार्यकाल बढ़ने से इन मामलों में मौजूदा सदस्यों की भूमिका अगले एक साल तक बनी रहेगी।
सरकार की ओर से यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला था। कार्यकाल विस्तार के जरिए आयोग में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
1 अक्टूबर 2027 तक पद पर रहेंगी सदस्य
कार्यकाल बढ़ने के बाद हिमानी अग्रवाल, सुनीता श्रीवास्तव, अंजू प्रजापति, पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, अनुपमा सिंह लोधी, सुजीता कुमारी, मीना कुमारी और नीलम प्रभात समेत सभी 25 सदस्य अगले एक वर्ष तक आयोग में बनी रहेंगी।
इनके अलावा गीता बिंद, गीता विश्वकर्मा, पुष्पा पांडेय, प्रियंका मौर्य, मीनाक्षी भराला, ऋतु शाही, सुनीता सैनी, एकता सिंह, अर्चना पटेल, जनक नंदिनी, प्रतिभा कुशवाहा, रेणु गौर, मनीषा अहलावत, अवनी सिंह, सपना कश्यप और संगीता जैन भी विस्तारित कार्यकाल के तहत जिम्मेदारी संभालेंगी।
आदेश के बाद इन सभी सदस्यों का कार्यकाल 1 अक्टूबर 2027 तक जारी रहेगा। इस अवधि में आयोग महिलाओं से संबंधित शिकायतों, अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के अनुसार काम करेगा।











