जोधपुर के बिलाड़ा क्षेत्र में लूणी नदी से अवैध बजरी खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गईं और सभी के खिलाफ एमएमआरडी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले में लूणी नदी में चल रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बिलाड़ा थाना क्षेत्र में की गई इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल हो रही सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी जब्त किया गया। पुलिस ने इस अभियान को पूरी रणनीति के साथ अंजाम दिया और नदी क्षेत्र की चारों ओर से घेराबंदी कर आरोपियों को मौके से पकड़ लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
खुफिया सूचना के बाद बनाई गई संयुक्त टीम
जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव ने बताया कि जिला स्पेशल टीम (DST) को सूचना मिली थी कि बिलाड़ा क्षेत्र से गुजरने वाली लूणी नदी में बड़े पैमाने पर अवैध बजरी खनन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल सिंह लखावत के निर्देशन में विशेष योजना तैयार की गई। DST प्रभारी श्रवण कुमार भंवरिया और बिलाड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की निगरानी शुरू की। पर्याप्त पुष्टि मिलने के बाद पुलिस ने एक साथ कई दिशाओं से नदी क्षेत्र की घेराबंदी की ताकि किसी भी आरोपी को भागने का मौका न मिले।
अचानक पुलिस पहुंचने से मचा हड़कंप
कार्रवाई के दौरान पुलिस को अचानक सामने देखकर अवैध खनन में लगे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण पुलिस ने 16 आरोपियों को पकड़ लिया। मौके पर खनन और बजरी परिवहन में उपयोग किए जा रहे सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी जब्त कर बिलाड़ा थाने लाया गया। पुलिस ने सभी वाहनों को सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एमएमआरडी एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ खनिज एवं खनन से जुड़े प्रावधानों (MMRD Act) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि अब पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध खनन के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इसमें किस स्तर तक लोगों की संलिप्तता है। जांच के दौरान जब्त वाहनों के दस्तावेज, खनन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
पर्यावरण और नदी तंत्र पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि नदियों से अनियंत्रित और अवैध बजरी खनन केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इसका पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक खनन से नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होता है, भूजल स्तर पर असर पड़ सकता है और आसपास की कृषि भूमि तथा जैव विविधता को भी नुकसान पहुंचता है। इसी कारण देश के विभिन्न राज्यों में अवैध खनन रोकने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं।
अवैध खनन पर सरकार की सख्त नीति
राजस्थान सरकार ने हाल के वर्षों में अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए पुलिस, खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त अभियान तेज किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, विशेष जांच दल और खुफिया तंत्र की मदद से कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन से सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का भी क्षरण होता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में भी अवैध खनन वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध खनन या खनिजों के अवैध परिवहन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
कानून व्यवस्था और संसाधनों की सुरक्षा पर फोकस
अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सरकारी राजस्व की भी सुरक्षा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार और प्रभावी कार्रवाई से अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी तथा वैध खनन गतिविधियों को भी पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।












