मणिमहेश यात्रा में दो श्रद्धालुओं की मौत, हरियाणा के व्यक्ति की हार्ट अटैक से गई जान

मणिमहेश यात्रा के दौरान दो दिनों में पंजाब और हरियाणा के दो श्रद्धालुओं की मौत हुई। हरियाणा के श्रद्धालु की हृदय गति रुकने से जान गई।

हिमाचल प्रदेश की मणिमहेश यात्रा के दौरान दो दिनों में पंजाब और हरियाणा के दो श्रद्धालुओं की मौत हुई। हरियाणा के श्रद्धालु की हृदय गति रुकने से मौत हुई, जबकि पंजाब के श्रद्धालु की मौत लंगर सेवा के दौरान हुई।

चंबा: हिमाचल प्रदेश में चल रही मणिमहेश यात्रा के दौरान दो दिनों में पंजाब और हरियाणा के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मंगलवार को हरियाणा के अंबाला निवासी 56 वर्षीय मनमोहन लाल की डल झील के पास हृदय गति रुकने से मौत हुई। वहीं, बुधवार को पंजाब के एक श्रद्धालु ने लंगर सेवा के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों घटनाओं के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

डल झील के पास हरियाणा के श्रद्धालु की मौत

मणिमहेश यात्रा के दौरान मंगलवार को हरियाणा के अंबाला निवासी 56 वर्षीय मनमोहन लाल की मौत हो गई। वह अपने चार दोस्तों के साथ भरमौर से हेलीकॉप्टर के जरिए गौरीकुंड पहुंचे थे। इसके बाद सभी पैदल डल झील की ओर गए और कैलाश पर्वत के दर्शन किए।

मणिमहेश यात्रा में दो श्रद्धालुओं की मौत, हरियाणा के व्यक्ति की हार्ट अटैक से गई जान

जानकारी के अनुसार, रात में टेंट में आराम करने के दौरान मनमोहन लाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। साथी उन्हें स्वास्थ्य शिविर तक ले जाने की कोशिश करते, इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने की आशंका जताई गई है। मृतक को पहले से स्टेंट पड़ा हुआ था। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव साथ आए दोस्तों को सौंप दिया।

पंजाब के श्रद्धालु ने लंगर सेवा के दौरान दम तोड़ा

यात्रा के दूसरे दिन बुधवार को पंजाब के एक श्रद्धालु की भी मौत हो गई। वह मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर सेवा में शामिल था। सेवा के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और सेवा में जुटे लोगों में चिंता का माहौल बन गया। मौत के सटीक कारण का अभी खुलासा नहीं हुआ है। संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।

4 सितंबर से शुरू हुई है आधिकारिक यात्रा

मणिमहेश यात्रा 2026 आधिकारिक तौर पर 4 सितंबर से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगी। चंबा जिला प्रशासन ने यात्रा के लिए पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच समेत कई व्यवस्थाएं निर्धारित की हैं। हड़सर बेस कैंप पर श्रद्धालुओं की मेडिकल जांच की जाती है और अस्वस्थ पाए जाने वालों को यात्रा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाती।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने और सांस फूलने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में आगे न बढ़ने की सलाह दी है। मणिमहेश झील करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानी को महत्वपूर्ण माना जाता है।

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