मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, तीन उग्रवादी कैडर गिरफ्तार; अपहरण और उगाही से जुड़े आरोप

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने तीन सक्रिय उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों का संबंध अपहरण, फिरौती और उगाही से जुड़ी गतिविधियों से है।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के तीन सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का संबंध अपहरण, फिरौती और उगाही जैसी गतिविधियों से है। मामले की जांच जारी है।

इंफाल: पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अलग-अलग अभियानों में सुरक्षा एजेंसियों ने तीन सक्रिय उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का संबंध विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से है और वे कथित तौर पर अपहरण, फिरौती व उगाही जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।

अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी। फिलहाल सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है।

इंफाल पश्चिम में दो सक्रिय उग्रवादी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, बुधवार को सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई पुलिस थाना क्षेत्र के चिंगामाखा ओइनाम लीराक, नंबुल मापाल इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान बाद में प्रतिबंधित संगठनों के सक्रिय कैडरों के रूप में हुई। गिरफ्तार आरोपियों में बेला ओइनाम (25) शामिल हैं, जो इंफाल पश्चिम जिले के पिशुमथोंग ओइनाम लीकाई क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।  पुलिस के मुताबिक, वह प्रतिबंधित संगठन केसीपी (नोंगद्रेनखोम्बा) के सक्रिय सदस्य हैं। दूसरे आरोपी की पहचान नवाज खान (32) के रूप में हुई है, जो इंफाल पूर्व जिले के कियामगेई मुस्लिम अवांग लीकाई के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, उनका संबंध प्रतिबंधित संगठन यूएनएलएफ (पी) से है।

वाहन भी किया गया जब्त

गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने आरोपियों के कब्जे से एक मारुति सुजुकी बलेनो कार भी जब्त की। पुलिस का कहना है कि इस वाहन का उपयोग कथित रूप से विभिन्न गतिविधियों में किया जा रहा था। जब्त वाहन की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका इस्तेमाल किन-किन घटनाओं में हुआ था।

अपहरण और फिरौती के मामलों से जुड़ने का आरोप

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने दावा किया है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी पहले से दर्ज अपहरण और फिरौती के मामलों में कथित रूप से शामिल रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े उग्रवादी नेटवर्क या वित्तीय तंत्र से भी रहा है।

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, तीन उग्रवादी कैडर गिरफ्तार; अपहरण और उगाही से जुड़े आरोप

अलग अभियान में महिला उग्रवादी कैडर गिरफ्तार

इसी क्रम में गुरुवार को मणिपुर पुलिस ने एक अन्य अभियान के दौरान एक महिला उग्रवादी कैडर को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार महिला की पहचान हाओबिजाम बिजेता देवी (40) के रूप में हुई है, जो काकचिंग जिले के काकचिंग खुनौ नगाइखोंग लीकाई क्षेत्र की निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित संगठन प्रीपाक (PREPAK) की सक्रिय सदस्य हैं। उन्हें वाबागई लामखाई क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जो काकचिंग पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

उगाही गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार महिला कैडर कथित रूप से उगाही (Extortion) से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह किन व्यक्तियों, व्यवसायों या संगठनों से धन वसूली के मामलों में शामिल रही हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि संगठन के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हैं या नहीं।

सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क की कर रहीं जांच

तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान उग्रवादी संगठनों के नेटवर्क, वित्तीय स्रोतों, संपर्कों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल उपकरणों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

मणिपुर में सुरक्षा अभियान लगातार जारी

पिछले कुछ समय से मणिपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। संयुक्त अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, हथियारों की बरामदगी, अवैध नेटवर्क का पता लगाने और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

पुलिस ने कहा है कि वर्तमान मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और पूछताछ के आधार पर आगे नई जानकारियां सामने आ सकती हैं। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों या संगठनों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

Leave a comment