Market This Week: हफ्ते के अंत में निवेशकों का बढ़ा भरोसा, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हरे निशान

इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। सरकारी बैंक, एनर्जी और FMCG शेयरों ने बढ़त दी, जबकि IT सेक्टर और भू-राजनीतिक तनाव ने सतर्क रखा।

भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते मजबूत बंद हुआ। निफ्टी-50 0.46% बढ़कर 25,571.25 और सेंसेक्स 0.38% चढ़कर 82,814.71 पर बंद हुआ। सरकारी बैंक, एनर्जी और FMCG शेयरों में तेजी रही, जबकि IT सेक्टर दबाव में रहा।

Market This Week: भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते हरे निशान के साथ समाप्त किया। प्रमुख इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स दोनों में वृद्धि देखी गई। शुक्रवार को खरीदारी बढ़ने से हफ्ते के अंत में अच्छा मूड बना रहा। निफ्टी-50 इंडेक्स 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,571.25 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.38 प्रतिशत चढ़कर 82,814.71 पर पहुंच गया।

बाजार में इस हफ्ते कुल मिलाकर 16 में से 12 बड़े सेक्टर बढ़त में रहे। स्मॉलकैप शेयर 0.2 प्रतिशत टूटे, जबकि मिडकैप में मामूली 0.1 प्रतिशत की तेजी रही। निवेशकों के बीच सरकारी बैंकों के प्रति खास आकर्षण देखने को मिला, जबकि आईटी सेक्टर और भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार पर हल्का दबाव बनाए रखा।

सरकारी बैंकों में रही सबसे ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सबसे अधिक तेजी सरकारी बैंकों में रही। सरकारी बैंक इंडेक्स करीब 5.5 प्रतिशत चढ़ा और पिछले दो हफ्तों में कुल 8.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ने और कर्ज क्वालिटी मजबूत रहने से सरकारी बैंकों को फायदा मिला।

निजी बैंक और फाइनेंशियल शेयरों की तुलना में सरकारी बैंकों का प्रदर्शन बेहतर रहा। निजी बैंक इस हफ्ते केवल 0.8 प्रतिशत बढ़े, जबकि फाइनेंशियल शेयर 0.3 प्रतिशत चढ़े। एनर्जी सेक्टर में 2.4 प्रतिशत और एफएमसीजी में 1.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना भी सरकारी बैंकों को समर्थन दे रही है।

अमेरिका-ईरान तनाव

बाजार में उत्साह बढ़ने के बावजूद अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके साथ ही आईटी सेक्टर में एआई से जुड़े बदलाव और संभावित जोखिमों की चिंता भी बाजार पर दबाव डाल रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नकारात्मक मानी जा रही हैं क्योंकि देश दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है।

इस हफ्ते वोलैटिलिटी सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 14.36 पर पहुंच गया, जो पिछले आठ महीनों के उच्च स्तर के करीब है। इसका मतलब है कि निवेशकों में अनिश्चितता और सतर्कता अभी भी बनी हुई है।

आईटी सेक्टर की लगातार गिरावट

आईटी इंडेक्स इस हफ्ते 2.1 प्रतिशत गिरा और लगातार पांचवें हफ्ते नुकसान में रहा। यह पिछले छह महीनों में आईटी सेक्टर की सबसे लंबी गिरावट की श्रृंखला है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई के असर और वैश्विक तकनीकी बाजार की अनिश्चितता इस सेक्टर पर दबाव बनाए रख रही है।

हालांकि, कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आए हैं और लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के बाद कई शेयर अब निवेश के लिहाज से आकर्षक स्तर पर दिख रहे हैं।

निवेशकों की वेल्थ में बढ़त

इस हफ्ते निवेशकों की कुल वेल्थ में भी इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप शुक्रवार, 13 फरवरी को 46,525,08 करोड़ रुपये था, जो 20 फरवरी तक बढ़कर 4,66,95,506 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह इस हफ्ते कुल 1,70,425 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से सरकारी बैंकों और कुछ बड़े सेक्टर में हुई खरीदारी के कारण है। बाजार में सुधार और कंपनियों के अच्छे नतीजों ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है।

इस हफ्ते बाजार में तेजी के मुख्य ट्रिगर सरकारी बैंकों के नतीजे, एनर्जी और एफएमसीजी शेयरों की बढ़त रही। दूसरी ओर, आईटी सेक्टर की गिरावट, एआई से जुड़े बदलाव और अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार पर सतर्कता बनी रही।

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