नालंदा। NEET-UG 2026 में सफल अभ्यर्थियों के लिए मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने MBBS, BDS और BSc नर्सिंग समेत विभिन्न मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत पहले राउंड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त से शुरू होगा, जबकि सीट आवंटन के बाद संबंधित कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया 18 अगस्त से शुरू होगी।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज में इस काउंसलिंग के जरिए MBBS की 120 सीटों पर दाखिला होना है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण मौका है। MCC की काउंसलिंग 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा के तहत होने वाली सीटों के लिए आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थियों को सबसे पहले MCC की ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद उन्हें अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज और कोर्स का विकल्प भरना होगा। च्वाइस फिलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को कॉलेजों की प्राथमिकता सावधानी से तय करनी होगी, क्योंकि सीट आवंटन इसी आधार पर किया जाएगा।
इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल बनाने की तैयारी है। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। इससे काउंसलिंग प्रक्रिया में समय बचने और अभ्यर्थियों को बार-बार कॉलेज या कार्यालय जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को अपनी आवंटित सीट को लेकर विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। यदि किसी अभ्यर्थी को आवंटित कॉलेज या सीट पसंद आती है तो वह उसे फ्रीज कर सकता है। वहीं, बेहतर कॉलेज या कोर्स मिलने की उम्मीद में अभ्यर्थी फ्लोट विकल्प चुन सकता है।
खास बात यह है कि सीट अपग्रेड की सुविधा तीसरे राउंड तक उपलब्ध रहेगी। यानी पहले या दूसरे राउंड में सीट मिलने के बाद यदि अभ्यर्थी बेहतर विकल्प के लिए आगे की काउंसलिंग में जाना चाहता है तो निर्धारित नियमों के तहत मौका मिल सकता है। तीसरे राउंड के बाद व्यवस्था में बदलाव हो जाएगा।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज में 120 MBBS सीटों पर दाखिले के कारण नालंदा और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों में भी उत्सुकता है। NEET-UG में अच्छी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेजों की सूची तैयार कर रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि च्वाइस फिलिंग से पहले कॉलेज, कोर्स और उपलब्ध सीटों से जुड़ी जानकारी अच्छी तरह देख लें।
MCC की काउंसलिंग के माध्यम से 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा की MBBS और BDS सीटों के अलावा केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, ESIC, AFMC और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में भी दाखिला दिया जाएगा। वहीं, 85 प्रतिशत राज्य कोटा की सीटों के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। NEET-UG से जुड़े दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात की जानकारी पहले से जांच लेना बेहतर होगा। किसी दस्तावेज में कमी होने पर नामांकन के समय परेशानी हो सकती है।
काउंसलिंग के दौरान च्वाइस लॉक करने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान देना होगा। एक बार विकल्प लॉक होने के बाद उसमें बदलाव की सुविधा सीमित हो सकती है। इसलिए कॉलेज और कोर्स की सूची रैंक, उपलब्ध सीट और अपनी पसंद के आधार पर तैयार करने की सलाह दी गई है।
नामांकन की प्रक्रिया 18 अगस्त से शुरू होने के बाद आवंटित सीट वाले अभ्यर्थियों को संबंधित संस्थान की ओर से बताए गए नियमों के अनुसार रिपोर्ट करना होगा। डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था के बावजूद अंतिम रूप से आवंटित सीट पर प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज में 120 MBBS सीटों के लिए होने वाली प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की विशेष नजर है। अब 5 अगस्त से रजिस्ट्रेशन शुरू होने के साथ मेडिकल काउंसलिंग का पहला चरण आगे बढ़ेगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीखों के भीतर रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग और सीट लॉक करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
कुल मिलाकर NEET-UG 2026 के सफल अभ्यर्थियों के लिए 5 अगस्त से शुरू होने वाला रजिस्ट्रेशन मेडिकल करियर की दिशा में अगला बड़ा कदम होगा। वहीं 18 अगस्त से नामांकन शुरू होने के बाद पावापुरी मेडिकल कॉलेज समेत देशभर के मेडिकल संस्थानों में नए सत्र के दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।











