ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड स्थित Arnott’s फैक्ट्री में लगभग 160 कर्मचारियों ने वेतन विवाद को लेकर 24 घंटे की हड़ताल की। यूनियन का आरोप है कि चार वर्षों से वेतन वृद्धि महंगाई से कम रही, जबकि कंपनी ने 9.5 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया है।
एडिलेड: ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित बिस्किट निर्माता कंपनी Arnott’s एक बड़े श्रमिक विवाद का सामना कर रही है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड स्थित कंपनी के मार्लेस्टन (Marleston) संयंत्र में लगभग 160 कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि को लेकर 24 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी। यूनाइटेड वर्कर्स यूनियन (United Workers Union) का कहना है कि पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों को महंगाई दर से कम वेतन वृद्धि मिल रही है, जिससे उनकी वास्तविक आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। दूसरी ओर, कंपनी का कहना है कि उसने कर्मचारियों के लिए दो वर्षों में 9.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है और वह यूनियन के साथ बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
पहली बार तीन दशक बाद हुई औद्योगिक कार्रवाई
मंगलवार को दिन और रात की शिफ्ट में कार्यरत लगभग 160 कर्मचारियों ने 24 घंटे के लिए काम बंद कर दिया। यूनियन के अनुसार, यह मार्लेस्टन फैक्ट्री में पिछले 30 वर्षों से अधिक समय में पहली बड़ी औद्योगिक कार्रवाई है।हड़ताल के दौरान दर्जनों कर्मचारी फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए और बाद में उन्होंने मारियन रोड पर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। प्रदर्शन का उद्देश्य कंपनी प्रबंधन पर बेहतर वेतन समझौते के लिए दबाव बनाना था।
यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों ने लंबे समय तक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने पर औद्योगिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
महंगाई से पीछे रह गई वेतन वृद्धि
यूनाइटेड वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में कर्मचारियों को औसतन 2.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि मिली, जबकि इस अवधि में महंगाई दर उससे कहीं अधिक रही। यूनियन का तर्क है कि लगातार बढ़ती जीवन-यापन की लागत के बीच यह वेतन वृद्धि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं थी। उनका कहना है कि कई कर्मचारियों के लिए यह वृद्धि प्रति घंटे एक डॉलर से भी कम के बराबर थी। यूनियन ने दावा किया कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में कर्मचारी अपने घरों की किश्तें, किराया और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
कंपनी का 9.5 प्रतिशत वेतन प्रस्ताव
Arnott’s प्रबंधन ने कर्मचारियों को अगले दो वर्षों में कुल 9.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। कंपनी का कहना है कि यह प्रस्ताव कर्मचारियों के हितों और कंपनी की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हालांकि यूनियन के अनुसार, इस प्रस्ताव को कर्मचारियों का व्यापक समर्थन नहीं मिला। यूनियन का दावा है कि हाल ही में हुए मतदान में लगभग 95 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। यही असहमति वर्तमान हड़ताल का प्रमुख कारण बनी।
कंपनी ने बातचीत जारी रखने की जताई इच्छा
Arnott’s ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह कर्मचारियों के शांतिपूर्ण औद्योगिक कार्रवाई करने के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन हड़ताल से निराश है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच पहले से रचनात्मक बातचीत चल रही थी। कंपनी ने कहा कि वह यूनियन के साथ सद्भावना के आधार पर बातचीत जारी रखेगी और ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेगी जो कर्मचारियों और कंपनी दोनों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी हो। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य एडिलेड स्थित उत्पादन इकाई की स्थिरता बनाए रखना है।
प्रसिद्ध उत्पादों का होता है निर्माण
मार्लेस्टन स्थित Arnott’s संयंत्र ऑस्ट्रेलिया के कई लोकप्रिय स्नैक और बिस्किट उत्पादों का निर्माण करता है। इसी फैक्ट्री में Tim Tam, Iced VoVos, Shapes और कई अन्य प्रसिद्ध चॉकलेट तथा बिस्किट उत्पाद बनाए जाते हैं। ये उत्पाद वर्षों से ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय रहे हैं। हड़ताल के कारण उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि कंपनी ने इस विषय पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांग
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की मांग केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य ऐसा वेतन समझौता सुनिश्चित करना है जो भविष्य में महंगाई के अनुरूप उनकी आय की वास्तविक क्रय शक्ति को बनाए रख सके। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों में भी उत्पादन जारी रखा है और अब उन्हें उनके योगदान के अनुरूप वेतन मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ती रहे और वेतन उसी गति से न बढ़े, तो कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जाएगी।
Arnott’s का इतिहास
Arnott’s ऑस्ट्रेलिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित खाद्य कंपनियों में से एक है। इसकी शुरुआत वर्ष 1848 में स्कॉटलैंड से आए विलियम अर्नॉट ने न्यू साउथ वेल्स के मैटलैंड क्षेत्र में एक बेकरी खोलकर की थी। बाद में कंपनी ने न्यूकैसल में अपना कारखाना स्थापित किया और 1882 में Milk Arrowroot बिस्किट की सफलता के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। समय के साथ कंपनी कई बार स्वामित्व परिवर्तन से गुजरी। वर्ष 2019 में वैश्विक निवेश कंपनी KKR ने इसे अधिग्रहित किया।
पहले भी हो चुका है पुनर्गठन
मार्लेस्टन संयंत्र पहले भी संगठनात्मक बदलावों का सामना कर चुका है। वर्ष 2014 में कंपनी ने लगभग 120 पद समाप्त कर दिए थे और कुछ उत्पादन गतिविधियों को सिडनी तथा ब्रिस्बेन की इकाइयों में स्थानांतरित किया था। इस पृष्ठभूमि के कारण वर्तमान वेतन विवाद को कर्मचारी संगठन और भी गंभीर मान रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हैं। यदि वेतन समझौते पर सहमति बन जाती है तो उत्पादन सामान्य हो सकता है। हालांकि यदि वार्ता विफल रहती है, तो भविष्य में और व्यापक औद्योगिक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में वेतन और जीवन-यापन की लागत के बीच संतुलन बनाए रखना नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।









