मेघालय में बड़ा सियासी बदलाव, UDP के 8 विधायक BJP में शामिल; विधानसभा में पार्टी की संख्या 10 हुई

मेघालय में UDP के आठ विधायकों ने भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में BJP की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई और UDP के विधायक चार रह गए।

मेघालय में UDP के आठ विधायक BJP में शामिल हो गए। इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा में BJP की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई और UDP के विधायक चार रह गए। किरेन रिजिजू ने इसे पूर्वोत्तर की राजनीति में अहम बदलाव बताया।

शिलॉन्ग: मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के आठ मौजूदा विधायक नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आठ विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में पार्टी की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। इस बदलाव के बाद BJP विधानसभा में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। दूसरी ओर, UDP के विधायकों की संख्या 12 से घटकर चार रह गई है। BJP और UDP दोनों ही मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली NPP सरकार के गठबंधन का हिस्सा हैं।

कौन-कौन से विधायक BJP में शामिल हुए?

BJP में शामिल होने वाले आठ UDP विधायकों में लाह्कमेन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन श्याला, मायरेल्बॉर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, ओल्लान सिंग सुइन, बलाजिएड कुफार सिनरेम और सिनशर कुफार रॉय लिंगदोह थाबाह शामिल हैं।

इनमें लाह्कमेन रिंबुई मेघालय सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे हैं, जबकि बाकी विधायक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सभी आठ विधायकों ने बुधवार को दिल्ली में BJP की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विधायकों के पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व और इन विधायकों के बीच पिछले कुछ समय से बातचीत चल रही थी।

किरेन रिजिजू बोले- ‘मोदी ने नॉर्थईस्ट को बदल दिया’

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आठों विधायकों का BJP में स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पूर्वोत्तर और मेघालय में हुए बदलाव को देखकर BJP का रुख किया है।

रिजिजू ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को केवल पूर्वोत्तर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि BJP और केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है।

रिजिजू ने पिछली कांग्रेस सरकारों की नीतियों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पहले पूर्वोत्तर को राजनीतिक रूप से पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता था। यह टिप्पणी BJP के राजनीतिक दृष्टिकोण और सरकार की पूर्वोत्तर नीति के संदर्भ में की गई।

विधायकों ने बताईं BJP में जाने की वजहें

BJP में शामिल हुए विधायकों की बातचीत कई हफ्तों से चल रही थी। पार्टी में शामिल होने से पहले इन नेताओं ने मेघालय से जुड़े कई मुद्दों पर केंद्रीय नेतृत्व से आश्वासन मांगा था।

इनमें खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं, Meghalaya Residents Safety and Security Act (MRSSA) के क्रियान्वयन तथा Them Iew Mawlong स्थित हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास जैसे मुद्दे शामिल थे।

लाह्कमेन रिंबुई ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर लंबे समय से BJP नेतृत्व के साथ चर्चा चल रही थी और राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

खासी भाषा और आठवीं अनुसूची का मुद्दा

मेघालय के इन विधायकों की प्रमुख मांगों में खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना भी शामिल है। आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को संविधान में विशेष मान्यता प्राप्त है।

विधायकों ने BJP नेतृत्व के सामने इस मुद्दे को उठाया था। इसके अलावा कोयला खनन से संबंधित प्रतिबंधों और प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग भी चर्चा का हिस्सा रही।

MRSSA और हरिजन कॉलोनी का मुद्दा भी शामिल

मेघालय के स्थानीय मुद्दों में Meghalaya Residents Safety and Security Act का प्रभावी क्रियान्वयन भी शामिल रहा है। यह कानून राज्य में अवैध प्रवासन से जुड़े मुद्दों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

इसके साथ ही शिलॉन्ग के Them Iew Mawlong इलाके में स्थित हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास का मुद्दा भी विधायकों की मांगों में रहा है। इन मुद्दों पर BJP नेतृत्व से आश्वासन मिलने के बाद विधायकों के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

विधानसभा में बदला राजनीतिक गणित

आठ विधायकों के BJP में आने से मेघालय विधानसभा का मौजूदा राजनीतिक गणित बदल गया है। 60 सदस्यीय सदन में BJP की संख्या अब 10 हो गई है, जबकि NPP के पास 33 विधायक हैं। UDP, जो पहले 12 विधायकों के साथ सदन में मौजूद थी, अब घटकर चार विधायकों तक रह गई है।

इस बदलाव के बाद BJP विधानसभा में NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। हालांकि NPP अब भी सदन में सबसे अधिक विधायकों वाली पार्टी है।

BJP और UDP दोनों ही NPP के नेतृत्व वाले Meghalaya Democratic Alliance (MDA) सरकार के घटक हैं। ऐसे में एक ही गठबंधन में शामिल दो दलों के बीच विधायकों का यह बदलाव राज्य की मौजूदा राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन है।

2028 के विधानसभा चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम

मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। आठ मौजूदा UDP विधायकों का BJP में जाना चुनाव से पहले राज्य में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि इस बदलाव का आगामी चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी।

BJP पिछले कुछ समय से पूर्वोत्तर राज्यों में अपने संगठन और राजनीतिक आधार को विस्तार देने पर जोर देती रही है। मेघालय में आठ विधायकों के एक साथ पार्टी बदलने से विधानसभा में उसका प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।

UDP के लिए बड़ा बदलाव

UDP मेघालय की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों में शामिल रही है। आठ विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद विधानसभा में उसके पास अब चार विधायक रह गए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय दलों के बीच राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं।

वहीं, BJP ने इस घटनाक्रम को पूर्वोत्तर में पार्टी के विस्तार और केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है। पार्टी नेताओं ने नए शामिल हुए विधायकों के साथ मेघालय से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर काम करने की बात कही है।

अब आगे क्या?

आठ विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनके द्वारा उठाए गए स्थानीय मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। खासी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कोयला खनन, MRSSA और हरिजन कॉलोनी के पुनर्वास जैसे मुद्दे अब BJP के साथ इन नेताओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का हिस्सा हैं।

फिलहाल, इस दल-बदल का तत्काल प्रभाव विधानसभा में सीटों के गणित पर साफ दिखाई दे रहा है। BJP 10 विधायकों के साथ सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, जबकि UDP की संख्या चार रह गई है। मेघालय की राजनीति में यह बदलाव आने वाले महीनों में राज्य के राजनीतिक समीकरणों और दलों की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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