मृतक के अंतिम संस्कार के लिए शव को भैरव घाट लाया गया। जैसे ही शव घाट पर पहुंचा, वहां मौजूद परिजनों और परिचितों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्यों के लिए यह बेहद भावुक क्षण था। कुछ समय पहले तक जिस व्यक्ति को परिवार सामान्य जिंदगी जीते हुए देख रहा था, अब उसे अंतिम विदाई देनी पड़ी।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़े भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया। परिजनों के बीच गम और आक्रोश दोनों दिखाई दिए। परिवार का कहना है कि जिस परिस्थिति में उनके अपने की मौत हुई, उसमें उनकी मांगों पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।
परिजनों ने कहा कि वे लगातार अपनी बात अधिकारियों और संबंधित लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार चाहता है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए और जिन सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं, उनका समाधान किया जाए। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार हो जाने के बावजूद उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है।
मर्चेंट नेवी में कार्यरत होने के कारण मृतक का परिवार लंबे समय से उनके काम और सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था। समुद्र में नौकरी की प्रकृति के कारण परिवार के लोग अक्सर उनकी कुशलता की चिंता करते थे। ऐसे में उनकी मौत की खबर परिवार के लिए बड़ा झटका बनकर आई।
अंतिम संस्कार से पहले शव को परिवार के लोगों ने अंतिम बार देखा। इस दौरान घर और घाट दोनों जगह भावुक माहौल रहा। परिजनों ने अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।
भैरव घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। परिवार के करीबी लोगों ने मृतक के साथ बिताए समय को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। हर किसी के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दे रहा था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अभी कई सवालों के जवाब चाहिए। परिवार की मांगों में क्या-क्या बिंदु शामिल हैं, यह संबंधित मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट होगा, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि अंतिम संस्कार एक भावुक और कठिन प्रक्रिया थी, लेकिन इसके बाद भी वे अपने सवालों के जवाब मिलने तक मामले को उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी उनकी बात को गंभीरता से सुनेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर इंतजाम किए गए थे। परिवार के लोगों और रिश्तेदारों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोग धीरे-धीरे घाट से वापस लौटने लगे।
मृतक के बड़े भाई ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। यह परिवार के लिए सबसे कठिन क्षणों में से एक रहा। भाई के सामने अपने छोटे या बड़े भाई को अंतिम विदाई देना बेहद भावुक पल था।
परिजनों ने कहा कि उन्हें अपने सदस्य की मौत का दुख तो है ही, साथ ही उन परिस्थितियों को लेकर भी चिंता है जिनमें यह घटना हुई। उनका कहना है कि जब तक मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती, तब तक उनके सवाल बने रहेंगे।
मर्चेंट नेवी में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी की परिस्थितियां आम नौकरियों से अलग होती हैं। लंबे समय तक समुद्र में रहने और घर से दूर रहने के कारण परिवारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में किसी हादसे या मौत की स्थिति परिवार के लिए और भी कठिन हो जाती है।
परिवार की ओर से उठाई गई मांगों पर आगे क्या निर्णय होता है, यह संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल अंतिम संस्कार पूरा हो चुका है, लेकिन परिवार का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने मृतक को श्रद्धांजलि दी और परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत रखने के लिए कहा। रिश्तेदारों और परिचितों ने कहा कि परिवार को इस दुख से उबरने में समय लगेगा।
भैरव घाट पर अंतिम संस्कार के बाद मृतक के परिवार के लिए एक अध्याय समाप्त हुआ, लेकिन उनकी ओर से उठाए गए सवाल अभी भी बाकी हैं। परिवार का कहना है कि अंतिम संस्कार करना उनकी मजबूरी थी, लेकिन इससे उनकी मांगें खत्म नहीं हो जातीं।
परिजनों ने साफ कहा कि वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी जिम्मेदार या संबंधित पक्ष हैं, उनसे जवाब लिया जाए। परिवार को उम्मीद है कि अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों की आंखों में आंसू थे। बड़े भाई द्वारा मुखाग्नि दिए जाने के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद परिवार शवदाह की प्रक्रिया पूरी होने तक घाट पर मौजूद रहा।
फिलहाल मर्चेंट नेवी अफसर का भैरव घाट पर अंतिम संस्कार हो चुका है। बड़े भाई ने मुखाग्नि दी, जबकि परिवार ने कहा है कि उनकी ओर से उठाई गई मांगों पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। अब परिवार की नजर संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर है।










