लखनऊ में रात से बारिश, सुबह तक रिमझिम फुहारें; 3 दिन में 51 मिमी बारिश

लखनऊ में रात से बारिश का दौर जारी है। सुबह रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं और काले बादल छाए रहे। तीन दिन में 51 मिमी बारिश से मौसम सुहाना हुआ।
लखनऊ में रात से बारिश, सुबह तक रिमझिम फुहारें; 3 दिन में 51 मिमी बारिश
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। सुबह के समय आसमान में घने और काले बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुककर रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं। बारिश के कारण मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। पिछले तीन दिनों में राजधानी में कुल 51 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।

रात के समय शुरू हुई बारिश के बाद सुबह जब लोगों की आंख खुली तो आसमान पर बादलों की घनी चादर दिखाई दी। कई इलाकों में हल्की बारिश होती रही, जबकि कुछ स्थानों पर फुहारों की रफ्तार थोड़ी तेज रही। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।

बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर भी मौसम का असर दिखाई दिया। सुबह काम पर जाने वाले लोगों को बारिश के बीच घर से निकलना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल जाने वाले लोगों ने बारिश से बचने के लिए रेनकोट और छाते का सहारा लिया। कई जगह सड़क किनारे पानी जमा होने से वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से गुजरना पड़ा।

लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कभी बादल छा रहे हैं तो कभी हल्की बारिश हो रही है। इसी क्रम में रात से शुरू हुई बारिश ने शहर के कई हिस्सों को भिगो दिया। सुबह तक बारिश का असर बना रहा और आसमान में काले बादल छाए रहे।

पिछले तीन दिनों में 51 मिमी बारिश दर्ज होने से शहर में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय नजर आ रही हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है। दिन के समय तेज धूप के बजाय बादल छाए रहने से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।

सुबह के समय कई इलाकों में हल्की फुहारों के बीच लोग अपने रोजमर्रा के काम के लिए घरों से निकले। स्कूल, दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को बारिश के बीच यात्रा करनी पड़ी। कुछ इलाकों में सड़क पर पानी जमा होने के कारण यातायात की गति प्रभावित हुई।

बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। सुबह के व्यस्त समय में बारिश होने से ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ सकता है। जलभराव वाले स्थानों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

लखनऊ के निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने की समस्या अक्सर देखने को मिलती है। लगातार बारिश होने पर नालियों और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

बारिश ने हालांकि लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत दी है। पिछले दिनों तेज गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए सुबह का ठंडा मौसम राहत देने वाला रहा। पार्कों और खुले स्थानों पर भी मौसम का असर नजर आया।

काले बादलों के कारण सुबह के समय रोशनी भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। कई इलाकों में ऐसा लगा जैसे दिन देर से शुरू हुआ हो। बारिश की बूंदों और बादलों के बीच शहर का मौसम पूरी तरह मानसूनी नजर आया।

बारिश के चलते पेड़-पौधों में भी ताजगी दिखाई दी। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को लगातार फुहारों से राहत मिली। वहीं किसानों के लिए भी मानसून की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बारिश का असर खेती और भूजल स्तर पर पड़ता है।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रही। कहीं हल्की फुहारें पड़ीं तो कहीं कुछ देर के लिए बारिश तेज हुई। मौसम में बदलाव के कारण दिनभर बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।

रात से बारिश होने के कारण सुबह सड़कों पर जगह-जगह पानी और नमी दिखाई दी। जिन इलाकों में जलनिकासी बेहतर है, वहां पानी जल्दी निकल गया, जबकि निचले क्षेत्रों में कुछ समय तक पानी जमा रहने की स्थिति बनी रही।

बारिश के बीच सुबह बाजारों में भी सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। दुकानदारों ने बारिश से बचने के लिए दुकानों के सामने अतिरिक्त इंतजाम किए। ग्राहक भी छाते और रेनकोट के साथ बाजारों में पहुंचते नजर आए।

बारिश के कारण शहर की हवा में भी नमी बढ़ गई है। मौसम में बदलाव का असर लोगों की दिनचर्या पर दिखाई दे रहा है। कई लोग बारिश थमने का इंतजार करते रहे, जबकि जरूरी काम से निकलने वाले लोग बारिश के बीच ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

लखनऊ में मानसून के दौरान इस तरह की बारिश आमतौर पर मौसम को राहत देती है, लेकिन लगातार तेज बारिश होने पर जलभराव और यातायात जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इसलिए शहरवासियों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन वाली सड़कें परेशानी का कारण बन सकती हैं। बारिश के दौरान सड़क पर ब्रेक लगाने और अचानक मोड़ लेने से बचना जरूरी है। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को भी खुले बिजली तारों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की जरूरत होती है।

रात से शुरू हुई बारिश के बाद सुबह तक आसमान में काले बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक बनी रही। लगातार फुहारों के बीच शहर का तापमान सामान्य दिनों की तुलना में कम महसूस हुआ।

पिछले तीन दिनों में 51 मिमी बारिश दर्ज होने से यह साफ है कि राजधानी में मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। आने वाले समय में बारिश की स्थिति कैसी रहती है, इस पर शहर में जलभराव और यातायात व्यवस्था भी निर्भर करेगी।

लखनऊ में बारिश का यह दौर शहर के लोगों के लिए गर्मी से राहत लेकर आया है। सुबह की रिमझिम फुहारों और काले बादलों ने राजधानी का मौसम पूरी तरह बदल दिया। सड़कों पर भीगे पेड़, छाते लेकर चलते लोग और बादलों से ढका आसमान शहर की मानसूनी तस्वीर पेश कर रहा है।

फिलहाल रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही और कई इलाकों में रुक-रुककर फुहारें पड़ती रहीं। पिछले तीन दिनों में 51 मिमी बारिश रिकॉर्ड होने के बाद मौसम में ठंडक और नमी बनी हुई है। शहरवासियों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं लगातार बारिश होने पर जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याओं को लेकर भी सतर्क रहना होगा।

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